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Noida News: तावडू बाईपास और एनएच-919 फोरलेन परियोजना को मिली रफ्तार

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- तावडू-सोहना बाईपास के लिए प्रस्तावित जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। राष्ट्रीय राजमार्ग-919 के चौड़ीकरण, फोरलेन निर्माण और तावडू-सोहना बाईपास परियोजना को लेकर जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला राजस्व अधिकारी एवं सक्षम प्राधिकारी, नूंह ने अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित भूमि की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। संबंधित तहसीलदार और नायब तहसीलदार को राजस्व रिकॉर्ड में आदेश दर्ज करने तथा इसकी सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार पलवल-रेवाड़ी मार्ग पर एनएच-919 को फोरलेन करने, सड़क का चौड़ीकरण करने तथा तावडू और सोहना बाईपास के निर्माण के लिए जिले के विभिन्न गांवों की भूमि अधिग्रहित की जानी प्रस्तावित है। इसमें तावडू तहसील के जौरासी, राठीवास, रंगाला, सुनारी, कालरपुरी, गोगजाका, तावडू, शिकारपुर, रहेड़ी, खरखड़ी धुलावट और मेडला समेत 12 गांव तथा इंदरी उपतहसील के आटा, रामपुर, उदाका, भिरावटी और किरंज गांव शामिल हैं।
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इन गांवों में अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित भूमि के संबंध में किसी भी प्रकार के बेचान, पट्टानामा, रहननामा, इकरारनामा, मुख्तारनामा अथवा अन्य पंजीकृत दस्तावेज के निष्पादन पर रोक रहेगी। संबंधित राजस्व अधिकारियों को आदेशों की प्रविष्टि रिकॉर्ड में करने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि तावडू शहर के लिए नए बाईपास के निर्माण की घोषणा मुख्यमंत्री ने 15 फरवरी को तावडू अनाज मंडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की थी। इसके बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से भी परियोजना से संबंधित अधिसूचना जारी की गई। अब जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए प्रस्तावित क्षेत्र में जमीन के लेन-देन पर रोक लगा दी है।
प्रशासन के अनुसार, इस रोक का उद्देश्य अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान जमीन की खरीद-फरोख्त पर अंकुश लगाना और मुआवजे से संबंधित विवादों की संभावनाओं को कम करना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे अधिग्रहण के समय वास्तविक भूमि मालिकों की पहचान स्पष्ट रखने में मदद मिलेगी और मुआवजे के वितरण में पारदर्शिता बनी रहेगी।
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आदेश जारी होने के बाद संबंधित गांवों के राजस्व रिकॉर्ड में आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज की जा रही हैं। प्रभावित भूमि मालिकों को सलाह दी गई है कि वे प्रस्तावित अधिग्रहण वाली जमीन के संबंध में किसी भी प्रकार का लेन-देन करने से पहले राजस्व विभाग से जानकारी और स्थिति की पुष्टि कर लें। इससे भविष्य में दस्तावेजी या मुआवजे से जुड़े विवादों से बचा जा सकेगा।
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