-55 से अधिक वेयरहाउस से तेजी से बदल रहा क्षेत्र के विकास का चेहरा
-बिलासपुर-तावडू होडल रोड व केएमपी से मजबूत कनेक्टिविटी से मिली मजबूती
-ई-कॉमर्स, रिटेल और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना
मोहम्मद शाहिद मेवाती
तावड़ू। नूंह जिले का तावडू क्षेत्र दिल्ली-एनसीआर में तेजी से उभरते औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है। गुरुग्राम, मानेसर, भिवाड़ी और सोहना के निकट स्थित यह इलाका राष्ट्रीय राजमार्ग 919 बिलासपुर-तावड़ू होडल रोड और कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे की मजबूत कनेक्टिविटी के कारण ई-कॉमर्स, रिटेल और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। पिछले तीन वर्षों में कृषि भूमि बड़े पैमाने पर नॉन-एग्रो वेयरहाउसिंग और इंडस्ट्रियल पार्क में बदल चुकी है।
जिला नगर योजनाकार विभाग के अनुसार बिलासपुर और सोहना रोड पर अब करीब 55 से अधिक वेयरहाउस बनकर तैयार हो चुके हैं या पूरी तरह संचालित हैं। इनमें ज्यादातर नॉन-एग्रो स्टोरेज स्पेस हैं, जो ई-कॉमर्स सामान, रिटेल प्रोडक्ट्स और इंडस्ट्रियल गुड्स के भंडारण के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं, जबकि केवल दो एग्रो वेयरहाउस कृषि उत्पादों के लिए हैं। डीटीपी बीनेश कुमार ने बताया कि अप्रूवल के लिए कोई पेंडिंग केस नहीं है। आवेदन मिलते ही मौके पर जांच और निरीक्षण के बाद नियमों के अनुसार अप्रूवल दिया जाता है। अवैध निर्माण पर सख्त निगरानी बनी हुई है। क्षेत्र में इंडोस्पेस, प्रगति ग्रुप और वेलस्पन वन जैसी कंपनियों के प्रमुख लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित हो चुके हैं। इंडोस्पेस तावड़ू इंडस्ट्रियल पार्क लगभग 50 एकड़ में राष्ट्रीय राजमार्ग 919 के साथ स्थित है, जहां अमेज़न, फ्लिपकार्ट, ईकॉम एक्सप्रेस, डेल्हिवरी, मिंत्रा, फर्स्टक्राई, डेकाथलॉन, एचएंडएम और यूनिक्लो जैसी कंपनियां वेयरहाउस चला रही हैं।
प्रगति बिलासपुर- तावड़ू पार्क सस्टेनेबल फीचर्स के साथ प्लग-एंड-प्ले सुविधा दे रहा है, जबकि वेलस्पन वन ग्रेड-ए वेयरहाउसिंग प्रदान कर रहा है। तावड़ू बाईपास पर भी इंडोस्पेस का नया वेयरहाउस निर्माणाधीन है,इसके साथ ही लगभग 40 एकड़ में इंडस्ट्रियल प्लाट क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। ग्राम पंचायत सेहसोला में करीब 28 एकड़ में करोड़ों रुपए की लागत से एक वेअरहाउस का निर्माण प्रक्रिया में है तो गांव शिकारपुर में भी वेयरहाउस का निर्माण जारी है।
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हजारों रोजगार सृजित हो रहे
लाखों-करोड़ों रुपये के निवेश से हजारों प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हो रहे हैं। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर में केएमपी एक्सप्रेसवे, हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर का निर्माण,व करीब चार किमी सुरंग सहित और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का सर्विस स्टेशन शामिल हैं। आईटीसी ग्रैंड भारत होटल, क्लासिक गोल्फ कोर्स और कई रिजॉर्ट व फार्म हाउस भी क्षेत्र को आकर्षक बना रहे हैं। जमीन के भाव तेजी से बढ़ रहे हैं। अगले 5 वर्षों में तावडू पूरी तरह औद्योगिक हब बन जाएगा, जो एनसीआर का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देगा।
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तावडू उपमंडल में 54 पंचायतें व 84 गांव
बता दें कि तावडू उपमंडल में 54 पंचायतें और 84 गांव हैं, जहां तावड़ू सिटी, सदर और मोहम्मदपुर अहिर थाने कार्यरत हैं। यह क्षेत्र अब एनसीआर के सबसे तेज विकसित हो रहे लॉजिस्टिक्स हब में शुमार हो गया है। पिछले तीन वर्षों में यहां की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। बड़े निवेश से स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है। जमीन के भाव में तेज उछाल और निवेशकों की बढ़ती रुचि से साफ है कि अगले 5 वर्षों में तावडू एनसीआर का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बन जाएगा, जो रोजगार और आर्थिक विकास की नई कहानी लिखेगा।