प्रेरणा तोमर, शिक्षिका, जूनियर हाइस्कूल हरोला
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विद्यालयों में पढ़ाई के साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए ईको क्लब, मैथ्स क्लब, जियोग्राफी क्लब, सिविक सेंस क्लब और रीडिंग क्लब जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इन क्लबों के माध्यम से बच्चों में रचनात्मक सोच, तार्किक क्षमता, पर्यावरण के प्रति जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी और पढ़ने की आदत विकसित की जा रही है।
गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों को रोचक बनाने के लिए टीचिंग-लर्निंग मैटेरियल (टीएलएम) का इस्तेमाल किया जा रहा है। मॉडल, चार्ट, गतिविधियों और प्रयोगों के जरिये कठिन विषयों को आसान तरीके से समझाया जा रहा है। इससे छात्रों की विषयों में रुचि बढ़ रही है और वे सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। वहीं, डिजिटल संसाधनों, कंप्यूटर, सोशल मीडिया आधारित शैक्षणिक सामग्री और प्रयोगशालाओं के उपयोग से छात्रों को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा जा रहा है। इससे उनमें नई चीजें सीखने और उन्हें प्रयोग में लाने की क्षमता विकसित हो रही है।