संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। अपनों के संग छठ मनाने के लिए यहां काम कर रहे यूपी, बिहार सहित पूर्वोत्तर भारत के लोग खतरा उठा रहे हैं। भारी भीड़ के चलते लोग ट्रेनों में चढ़ नहीं पा रहे हैं, ऐसे में श्रमिक ट्रेन के दरवाजों पर लटक कर घर जाने के लिए मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि सामान्य तो दूर शयनयान और एसी कोच में भी लोग चढ़ नहीं पा रहे हैं। ट्रेनों के दरवाजे खुलवाने में जीआरपी और आरपीएफ के पसीने छूट रहे हैं।
यमुनानगर जगाधरी स्टेशन से पूर्वोत्तर भारत की ओर जाने वाली गाड़ियों में चढ़ने के लिए लोगों को जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। ट्रेनों में पैर रखने को जगह नहीं है और दरवाजे अंदर से बंद हैं। स्टेशन पर बस दो मिनट का ठहराव है और इतनी देर में ट्रेन में चढ़ पाना संभव नहीं है। हालात ऐसे हैं कि यात्रियों को तीन-तीन स्टेशन पर हो गए हैं, लेकिन ट्रेन नहीं पकड़ पाए हैं।
ऐसे में लोग ट्रेनों की खिड़कियों व दरवाजे पर लटक रहे हैं। जीआरपी और आरपीएफ यह नजारा देख रही है और कुछ कर नहीं पा रहे हैं। भीड़ के कारण ट्रेन के दरवाजे पर लटके एक युवक की गिरने से मौत हो गई। रविवार को युवक अपने पैतृक घर जाने के लिए निकला था। ट्रेन में न चढ़ पाने के कारण वह दरवाजे पर लटक गया था।
इस दौरान यमुनानगर जगाधरी स्टेशन से कुछ दूर वह गिर गया। युवक की पहचान बरेली निवासी मोहम्मद तवरेज के रूप में हुई। वहीं, रविवार को हावड़ा मेल पर भी कुछ लोग इसी तरह दरवाजे पर लटके हुए थे। उनके बैग काफी बाहर तक थे, जिसे देखकर गार्ड ने ट्रेन स्लो करवाई। रविवार व मंगलवार को स्टेशन पर काफी भीड़ देखने को मिली।
रविवार को सैकड़ों यात्री कौशिकों के बाद भी कई ट्रेनों में नहीं चढ़ पाए। इसके बाद रेलवे ने नॉन स्टॉप एक स्पेशल ट्रेन को यमुनानगर जगाधरी में ठहराव दिया। इसमें जीआरपी और आरपीएफ ने करीब 1500 यात्रियों को ट्रेनों में चढ़ाया। मंगलवार को भी हालात गंभीर बने रहे। यात्री गुड्डू ने बताया कि उसकी हावड़ा मेल के एसी 3 टियर में सीट बुक थी, भीड़ में वह किसी तरह ट्रेन में चढ़ गया, लेकिन उसका सामान यमुनानगर जगाधरी में ही छूट गया। इसके बाद वह सहारनपुर से वापस आया और सामान लेकर दूसरी ट्रेन पकड़ने के करीब 15 घंटे से इंतजार कर रहा है। मंगलवार सुबह गुड्डू ने किसी तरह ट्रेन पकड़ी।
रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते लोग। संवाद
रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते लोग। संवाद
रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते लोग। संवाद