विवि छात्रों में ताइवानी ओजी गांजे की मांग सबसे अधिक
ऑनलाइन ड्रग्स तस्करी में होटल मैनेजमेंट छात्र समेत पांच की गिरफ्तारी का मामला
तस्करों के पास से बरामद चैट हिस्ट्री से पुलिस को मिली जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्रों में ताइवान के ओजी गांजे की सबसे अधिक मांग है। ओजी भी एक गांजा है जो ताइवान में उगाई जाती है। यह अधिक महंगा होता है और इसमें नशा भी ज्यादा होता है। पुलिस के ड्रग्स सिंडिकेट के खुलासे के बाद तस्करों के पास से बरामद चैट हिस्ट्री से ताइवानी ओजी गांजे की मार्केट डिमांड का पता चला है।
नोएडा व एनसीआर में गांजे की सप्लाई का रेड कॉरिडोर पहले आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिसा और झारखंड के रास्ते यूपी-दिल्ली हुआ करता था, हालांकि अब इस रेड कॉरिडोर के बाद नए मॉड्यूल का पता चला है। इस मॉड्यूल के तहत अब गांजे की खेप पूर्वोत्तर के शिलॉन्ग और उदयपुर से मंगाया जा रहा है।
वहीं, पुलिस पूछताछ में पता चला है कि हाल के दिनों में ताइवान के ओजी गांजे की मांग बढ़ती जा रही है। पुलिस के मुताबिक, प्रति ग्राम ओजी गांजे की कीमत दस हजार रुपये है। दरअसल नोएडा-ग्रेनो में के कॉलेजों में अच्छे घरों के लड़के पढ़ते हैं। ऐसे में ओजी गांजा यह छात्र आसानी से खरीद लेते हैं। इस कारण भी इसकी मांग नोएडा-ग्रेनो में अधिक है। ओजी के प्रत्येक पैकेट को तस्कर सात से आठ हजार रुपये में बेचते हैं। वहीं शिलाॅन्ग गांजा पूरी तरह से एसी कमरे में उगाया जाता है। इस वजह ये यह भी काफी महंगा है। इसके प्रत्येक पैकेट को तस्कर चार से पांच हजार रुपये में बेचते हैं। आरोपियों के पास से इनके पास से 12.7 किग्रा शिलाॅन्ग गांजा, 90 ग्राम चरस और पांच ग्राम विदेशी गांजा ओजी बरामद हुआ है।