स्वीडन की दिग्गज होम फर्निशिंग कंपनी के नोएडा आने का रास्ता साफ
नोएडा। अब आपको अपने घर को सजाने-संवारने के लिए अलग-अलग स्थानों से खरीदारी करने की जहमत नहीं उठानी पड़ेगी। सेक्टर-51 के वाणिज्यिक प्लॉट में स्वीडन की दिग्गज होम फर्नीशिंग कंपनी आइकिया अपना रिटेल स्टोर बनाएगी। यहां आपको घरेलू साज सज्जा के लिए एक ही स्थान पर सब कुछ मिल जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण ने पहले ही जमीन का आवंटन कर दिया है। हालांकि इसकी लीज डीड होनी बाकी है।
दरअसल, इससे पहले कंपनी ने हैदराबाद में रिटेल स्टोर खोला है। कंपनी अपनी ज्यादातर डीलिंग फर्नीचर आइटम में करती है। इसी तर्ज पर नोएडा में भी रिटेल स्टोर की शुरुआत होगी। यहां एक छत के नीचे सोफा, बेड, डाइनिंग, मैट्रेसेस, सिटिंग, कॉफी टेबल, वार्डरोब, स्टोरेज, बुकशेल्फ, शू रैक, होम डेकोरेशन आइटम, बाथरूम का सामान, टेक्सटाइल्स, पॉट्स एंड प्लांट, होम इलेक्ट्रॉनिक्स, होम इंप्रूवमेंट, लाइटिंग का सामान, बच्चों के खिलौने, किचन का सामान सहित 7500 उत्पाद खरीदने को मिलेंगे। यहां खाने-पीने के सामान सहित कई अन्य उत्पाद भी रखे जाएंगे।
यू आकार की बहुमंजिला इमारत
सेक्टर-51 में 12 एकड़ भूमि पर यू आकार की बहुमंजिला वाणिज्यिक इमारत बनेगी। प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि कंपनी पर जमीन की 60 प्रतिशत रकम बकाया है। लीज डीड भी नहीं कराई गई है। इस वजह से कंपनी पर जुर्माना लगाया है। मामला शासन में जाने के बाद उद्योग मंत्री सतीश महाना के साथ बैठक हुई, जिसमें इसका हल निकालने के लिए कहा गया है। अब प्राधिकरण कंपनी को राहत देने के लिए बोर्ड में प्रस्ताव देगा। सीईओ ने कहा कि प्राधिकरण को उक्त जमीन से 750 से 800 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। इसके अलावा कंपनी के नोएडा में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने से करीब 5 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। प्राधिकरण के नियोजन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभी कंपनी ने अपनी ड्राइंग नहीं सौंपी है, लेकिन बताया जा रहा है कि यहां करीब 40-42 मंजिला वाणिज्यिक इमारत का निर्माण कराया जाएगा। यह यू आकार की होगी, यानी इसका आधार करीब चार से पांच मंजिला होगा। इसके बाद दो ओर बहुमंजिला इमारत होंगी।
इमारत से जुड़ेंगे दोनों मेट्रो स्टेशन
इस वाणिज्यिक इमारत में चार से पांच मंजिल तक रिटेल शॉप, मॉल की तरह होंगी। इसके अलावा यहां होटल भी होगा। अधिकारियों का कहना है कि कंपनी यहां अपना कार्यालय भी बना सकती है। अधिकारियों का कहना है कि टेंडर में साफ-साफ लिखा है कि इमारत का निर्माण कराने के दौरान कंपनी, सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशनों को जोड़ते हुए स्काईवॉक बनाएगी। अनाधिकारिक तौर पर यह भी कहा जा रहा है कि कंपनी दोनों मेट्रो स्टेशनों को अलग-अलग स्काईवॉक से जोड़ेगी।