बीमार हुई ओडीओपी, नब्ज टटोल रही योगी सरकार
ग्रेटर नोएडा। जनवरी 2018 से शुरू हुई एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना बीमार हो गई है। योगी सरकार ने योजना की नब्ज टटोलने के लिए सूबे के सभी 75 जिलों में विस्तृत डायग्रोसिस स्टडी रिपोर्ट (डीएसआर) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सर्वे का मुख्य मकसद योजना के सफल होने में आ रही अड़चनों को तलाशना है। आदेश के क्रम में चार संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। गौतमबुद्धनगर में इंफ्रास्ट्रक्चर लिजिंग एंड फाइनेंसियल सर्विसेज (आईएलएफएस) संस्था ने होमवर्क शुरू कर दिया है। संस्था को गौतमबुद्धनगर, इटावा, बाराबंकी, कानपुर व आगरा समेत 20 जिलों की डीएसआर तैयार करने के निर्देश हैं। संस्था के स्तर से रेडीमेड गारमेंट्स इकाई संचालक, संबंधित विभाग और प्रशासनिक अफसरों से वार्ता की है। अन्य तीन संस्थाएं शेष 55 जिलों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। आईएलएफएस के अफसरों ने बताया कि डीएसआर तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। रिपोर्ट पूरी होते ही उद्योग एवं प्रोत्साहन विभाग, लखनऊ को सौंप दी जाएगी।
जिले में रेडीमेड गारमेंट्स की 2500 यूनिट
एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत गौतमबुद्धनगर का चयनित प्रोडेक्ट रेडीमेड गारमेंट्स हैं। गौतमबुद्धनगर में रेडीमेड गारमेंट्स की 2500 यूनिटें हैं। योजना के माध्यम से सरकार की कोशिश हर जिले की पहचान को सहेजने की है। ऐसे ही मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, सहारनपुर, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, बागपत व हापुड़ आदि जिलों की अपनी पहचान है। वहां की पहचानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकाने को लेकर सरकार बेहद गंभीर है।
किस तरह की समस्याएं खोज रहे
संस्था को योजना के सफल होने में आ रही समस्याओं का खोजना है। आईएलएफएस के प्रतिनिधियों का कहना है कि एक वर्ष होने के बाद उत्पाद न बढ़ना, रोजगार क्यों नहीं बढ़े, लोगों में दिलचस्पी पैदा न हो पाना, उद्यमी का योजना के प्रति आकर्षित न होना, संसाधनों का अभाव, भागीदारी न बढ़ पाना, पूर्ण सुविधाएं न मिल पाना, स्थानीय सरकारी मशीनरी स्तर से हीलाहवाली जैसे तमाम बिंदुओं पर सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
कुछ जिलों की पहचान
गौतमबुद्धनगर- रेडीमेड गारमेंट्स
गाजियाबाद- अभियांत्रिकी सामग्री
मेरठ - खेल की सामग्री
हापुड़- होम फर्नीशिंग
बुलंदशहर- सिरेमिक उत्पाद
बागपत- होम फर्नीशिंग
सहारनपुर- लकड़ी पर नक्काशी
कानपुर नगर- चमड़ा
कानपुर देहात- एल्मूनियम बर्तन
लखनऊ- चिकनकारी-जरीदोजी
आगरा- चमड़ा उत्पाद
अलीगढ़- ताले व हार्डवेयर
बरेली- जरी-जरदोजी
मुरादाबाद- धातु शिल्प
प्रयागराज- मूंज उत्पाद
मथुरा- सेनीटरी फीटिंग
शामली- लौहकला
प्रदेश में एक जिला एक उत्पाद योजना को पंख लगाने के लिए डायग्रोसिस स्टडी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। गौतमबुद्धनगर में आईएलएफएस को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे जिले की पहचान रेडीमेड गारमेंट्स को बढ़ावा मिलेगा।
- अनिल कुमार, उपायुक्त, जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र