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नोएडा में भी हो सकता है सूरत जैसा हादसा-अमर उजाला

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जिले में भी हो सकता है सूरत जैसा हादसा
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नोएडा। जिले नगर में भी ऐसे कोचिंग सेंटरों की भरमार है जो गुजरात के सूरत हादसे को दोहरा सकते हैं। नोएडा में इनकी संख्या काफी अधिक है। पढ़ाई के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे लापरवाह कोचिंग सेंटरों में आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम नहीं है। इस बात का खुलासा शनिवार को दमकल विभाग की टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में हुआ। कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों समेत शिक्षकों तक को इमरजेंसी निकास द्वार की जानकारी नहीं थी। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान मिली खामियों को एक सप्ताह में दूर करने के लिए कहा है। इसके लिए विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे। सभी कोचिंग सेंटरों को 10 दिन के अंदर खामियां दूर करने के बाद सूचना भी देनी होगी।
गुजरात के सूरत स्थित कोचिंग सेंटर हादसे में 20 की जानें चलीं गई है। हादसे को गंभीरता से लेते हुए मुख्य फायर आफिसर अरुण कुमार सिंह ने शनिवार सुबह से ही जिले में निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया। वह दमकल टीम के साथ नोएडा के सेक्टर-4 स्थित विद्या मंदिर क्लासेज गए। जहां उन्हें कई खामियां मिली। कोचिंग में हादसे से बचने के लिए ऊपर जाने का रास्ता तक नहीं था। इसी तरह फिटजी और आकाश इंस्टीटयूट सेक्टर-18, पैरामाउंट कोचिंग सेंटर नया बांस सेक्टर-15, लारेटस एकेडमी सेक्टर-15 नया बांस, गुरुकुल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट नया बांस, करियर लांचर सेक्टर-18, महिंद्रा कोचिंग सेंटर सेक्टर-18 आदि में भी खामियां मिली हैं। जिनको मौखिक तौर पर तुरंत दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सभी संस्थानों को नोटिस देकर एक सप्ताह में खामियों को दूर कर सूचना देने के लिए कहा जाएगा। एफएसओ कुलदीप कुमार ने बताया कि कई संस्थानों में उचित उपकरण नहीं थे तो कहीं पर फायर फाइटिंग के सिलिंडर की डेट एक्सपायर हो चुकी थी। कोचिंग सेंटरों में फाइबर की दीवार बनाकर इतना सकरा कर दिया गया है कि हादसे के दौरान एक ही बच्चा निकल सकता है। संस्थानों को उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।
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शासन से निर्देश, 10 दिन में पूरा हो निरीक्षण
गुजरात हादसे के बाद शासन ने दमकल विभाग को निर्देश दिए हैं कि 10 दिन पूरे जिले में कोचिंग सेंटरों की जांच करें और उनमें खामियों को उजागर करके सुरक्षित कराया जाए। इसके बाद दूसरे चरण में अन्य संस्थान और मकानों में जांच की जाएगी और आग से बचाव के लिए योजना भी बनाई जाए।
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शनिवार को कई कोचिंग सेंटरों में औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई तरह की खामियां मिली हैं। इसके अलावा कोचिंग सेंटर में अगर हादसा हो जाए तो बचाव का कोई साधन नहीं है। एक सप्ताह में नोटिस देकर सेंटरों को सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। - अरुण कुमार सिंह, सीएफओ
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