पुलिस के साथ में मुठभेड़ में घायल सुंदर भाटी गिरोह के बदमाश।
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सुंदर भाटी गैंग के इनामी शार्प शूटर ‘कारतूस’ समेत दो दबोचे
ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कोतवाली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। बृहस्पतिवार देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ में सुंदर भाटी गिरोह के शार्पशूटर 50 हजार के इनामी साकीपुर निवासी योगेश उर्फ कारतूस और 25 हजार के इनामी देवला का कपिल भाटी पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। योगेश पर 16 केस दर्ज हैं। इनमें बिजनौर से पेशी पर लाने के दौरान पुलिस कस्टडी में हिस्ट्रीशीटर नरेंद्र नंदू उर्फ रावण की हत्या भी शामिल है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी से सात बड़ी वारदात का खुलासा हुआ है।
एडिशनल डीसीपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार रात सूरजपुर कोतवाली प्रभारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी की टीम को सूचना मिली कि सुंदर भाटी गिरोह के शार्प शूटर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। पुलिस टीम सेक्टर-144 एफएनजी रोड पर पहुंच गई। यहां पुलिस ने ब्रेजा कार में सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया तो उन्होंने पुलिस टीम पर गोली चला दी। बदमाश ब्रेजा से उतरकर गोली चलाते हुए भागने लगे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों पैर में गोली लगने से मौके पर ही गिर पड़े। आरोपियों की पहचान सुंदर भाटी गिरोह के सक्रिय सदस्यों के रूप में हुई। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में वसूली का विरोध करने पर एवीजे हाइट्स सोसाइटी के पास सब्जी विक्रेता दुर्गेश की गोली मारकर हत्या करना स्वीकार किया। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने पूछताछ में जारचा में इसी वर्ष कैब लूटकर चालक की हत्या, बीटा-2 के कमर्शियल बेल्ट से दो लाख लूट, बीटा-2 के ही एच्छर चौकी क्षेत्र से साढ़े चार लाख लूट, बीटा-2 के ही वेनिस माल के पास से ढाई लाख लूट समेत सात बड़ी वारदात कबूलीं हैं।
अपराध में नाम कमाने के लिए की रावण की हत्या
पुलिस के मुताबिक, दादरी नैनसुख गांव निवासी नंदू उर्फ रावण की सुंदर भाटी गिरोह से दुश्मनी थी। नंदू उस दौरान जरायम की दुनिया में बड़ा नाम था। उस पर 35 केस दर्ज थे। नंदू वर्ष 2013 में बिजनौर जेल में बंद था। उसी वर्ष 11 फरवरी को बिजनौर जेल से अदालत पेशी पर लाने के दौरान ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर नंदू उर्फ रावण की योगेश उर्फ कारतूस ने कस्टडी में हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर खुलासा किया था कि अपराध जगत में नाम कमाने के लिए उसने अपने साथियों के साथ मिलकर नंदू की हत्या की।