- मुख्यमंत्री ने यूपीआईटीएस-2026 की तैयारियों की समीक्षा की, छह देश और 600 खरीदार होंगे शामिल
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को जीबीयू में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण की तैयारियों की समीक्षा की। सीएम ने कहा कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार, निर्माण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाना है जो राज्य के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को गति देगा। इस आयोजन में विदेशी मेहमानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
मेले में 80 से अधिक देशों के 600 से ज्यादा खरीदार शामिल हो रहे हैं, जिसके मद्देनजर सीएम ने निर्देश दिए कि विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए उच्च कोटि के आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। भाग लेने वाले देशों के उच्चायुक्तों के लिए संपर्क अधिकारी नियुक्त किए जाएं। आगंतुकों व प्रतिनिधियों की सहायता के लिए जीबीयू और अन्य तकनीकी विश्वविद्यालयों के छात्रों को तैनात किया जाए। सीएम ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ जोड़ा जाए। मंत्री, उद्योगों व व्यापारिक प्रतिनिधियों के बीच सार्थक संवाद को सुगम बनाने के लिए अतिरिक्त बैठकें आयोजित की जाएं। इसके अलावा, प्रसिद्ध वक्ताओं के सत्र संक्षिप्त और प्रभावशाली होने चाहिए तथा संबंधित विभागों को अपने सत्रों की पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
मेले में दिखेगी अवध, बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्रों की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, अवध, बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्रों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस विजन को साकार करने के लिए कथक नृत्य, पखावज वादन और लोक गायन सहित 25 विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। सीएम ने मेले के दौरान यातायात, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन और पेयजल की चाक-चौबंद व्यवस्था करने पर विशेष बल दिया। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण को स्वच्छता, सुरक्षा और सुचारू आवागमन के लिए आपसी समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। आयोजन स्थल पूरी तरह स्वच्छ और प्लास्टिक-मुक्त रहेगा, जहाँ सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
समीक्षा बैठक में पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने मुख्यमंत्री को यातायात योजना और सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत ब्योरा दिया। आगंतुकों की सुचारू आवाजाही के लिए सभी मार्गों की गहन समीक्षा की गई है। सुरक्षा के लिए कड़े जांच और भीड़-प्रबंधन उपाय किए गए हैं, तथा पार्किंग क्षेत्रों और प्रदर्शनी स्थल के बीच आवाजाही के लिए 500 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) शटल बसें चलाई जाएंगी।