ग्रेटर नोएडा में जीबीयू के एलएलबी छात्र को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में पांच लाख रुपये के मुचलके का नोटिस जारी करना पुलिस के लिए भारी पड़ गया है। नोटिस जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर मामला सामने आया और विवाद बढ़ गया। सुप्रीम कोर्ट की फटकार और रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद अब ईकोटेक-1 कोतवाली के सब इंस्पेक्टर शिवा पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। मामले में अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
कार्यपालक मजिस्ट्रेट-3, गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट ने जीबीयू के छात्र अक्षत त्रिपाठी को पांच लाख रुपये के मुचलके में पाबंद कर नोटिस जारी कर दिया था। चार सितंबर को नोटिस जारी किया गया। सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। जिस पर एक दिन बाद ही पुलिस ने पांच सितंबर को नोटिस को वापस ले लिया था। जीबीयू के छात्र के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी फटकार लगाई है। साथ ही पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। जिसके बाद पुलिस की किरकिरी हुई है। इस मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है।
पुलिस की ओर से अब पांच लाख रुपये के मुचलके का नोटिस छात्र को व्हाट्सऐप पर भेजने के मामले में ईकोटेक-1 कोतवाली में तैनात सब इंस्पेक्टर शिवा पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, मामले में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक, एसीपी-3 ग्रेटर नोएडा और कार्यपालक मजिस्ट्रेट के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है।
सब इंस्पेक्टर की आख्या पर ही जारी हुआ था नोटिस
दिल्ली में हुए प्रोटेस्ट पर ईकोटेक-1 कोतवाली में तैनात उप निरीक्षक शिवा पांडेय ने अपनी आख्या दी थी। आरोप लगे थे कि छात्र सीजेपी पार्टी द्वारा प्रस्तावित धरने में शामिल होने के लिए विश्वविद्यालय के अन्य छात्रों को उकसा रहा है और उनके बीच सरकार विरोधी भ्रामक बातें फैला रहा है। सब इंस्पेक्टर की आख्या को प्रभारी निरीक्षक ईकोटेक-1 कोतवाली द्वारा आगे अग्रसारित किया गया। आरोप थे कि छात्र की गतिविधियों के चलते विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है और आशंका जताई गई है कि कभी भी लड़ाई-झगड़ा होकर शांति व्यवस्था भंग हो सकती है।
पुलिस की इस आख्या से संतुष्ट होकर कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने माना कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर विपक्षी द्वारा शांति भंग किए जाने की प्रबल संभावना है। जिसके चलते धारा-126/135 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई प्रारंभ करने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने 4 सितंबर को धारा-130 बीएनएसएस के अंतर्गत नोटिस जारी करते हुए छात्र को निर्देश दिया था कि वह कारण स्पष्ट करे कि क्यों न उससे छह माह तक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 5 लाख रुपये के निजी बंध पत्र के साथ-साथ पाबंद किया जाए। मजिस्ट्रेट ने इस मामले में सुनवाई की तिथि 5 सितंबर 2026 नियत की थी।