ग्रेटर नोएडा। जिला न्यायालय में विचाराधीन 3.80 लाख केस के बोझ को कम करने और पीड़ित व वादकारियों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने के लिए जिला जज अशोक कुमार ने विशेष प्रयास शुरू किए हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में इस बार 14 मई को लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की विशेष तैयारियां की जा रही हैं। घरेलू हिंसा के मामलों की लोक अदालत से पूर्व तीन मई से शहर के नामी कॉलेजों और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दोनों पक्षों की काउंसलिंग करेंगे। वहीं, लोगों को न्याय दिलाने व जागरूक करने के लिए 250 पैरा लीगल वॉलंटियर नियुक्त किए गए हैं। इन्हें पांच से नौ अप्रैल तक प्रशिक्षण भी दिया गया है। इनमें 235 छात्र-छात्राएं और 15 जेल के बंदी हैं।
जिला जज अशोक कुमार सप्तम ने मंगलवार को न्यायालय सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य पीड़ितों, वादकारियों को त्वरित, निशुल्क और सुलभ न्याय दिलाने के अलावा केसों का निस्तारण कर अदालतों का बोझ कम करना है। 14 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का निस्तारण कराने का जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रयास कर रहा है। इससे पूर्व आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत मेें 58,652 मामलों का निस्तारण किया गया था। इसी कड़ी में तीन मई से लोक अदालत सप्ताह आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत में पक्षकारों के मध्य उत्पन्न हुए विवादों का निपटारा आपसी सहमति और सुलह से किया जाता है। इसके अंतर्गत निशुल्क मामलों का निस्तारण किया जाता है और अगर किसी का शुल्क पूर्व में खर्च हुआ हो तो उसे वापस दिलाया जाता है। लोक अदालत का अवॉर्ड अंतिम होता है, जिसके खिलाफ किसी न्यायालय में अपील नहीं होती।
इन मामलों का होगा निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी संबंधी मामले, वैवाहिक एवं पारिवारिक झगड़े, दाखिल खारिज, भूमि के पट्टे, बेगार श्रम संबंधित मामले, शमनीय प्रकृति के फौजदारी मामले, बैंक ऋण संबंधित मामले, राजस्व संबंधी मामले, वन भूमि संबंधी मामले, भूमि अर्जन से संबंधित मामले, मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजा संबंधित दावे आदि का निराकरण किया जाएगा। इस अवसर पर अपर जिला जज वेदप्रकाश वर्मा, अपर जिला जज दिनेश सिंह, अपर जिला जज पुष्पेंद्र सिंह, अपर जिला जज एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी राजीव कुमार वत्स, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव एवं सिविल जज एसडी सुशील कुमार तथा अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।