नगीना। अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस से प्रेरणा लेकर युवाओं ने घागस, जरगाली और नांगल गांवों में पौधरोपण किया। इस कार्य में छोटे-छोटे बच्चों, बुजुर्ग और महिलाओं ने भी भाग लिया।बच्चों ने पेड़ लगाओ जीवन बचाओ के नारे के साथ उसकी शुरुआत की। पौधरोपण केयर अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने लोगों को मुफ्त में पौधे उपलब्ध कराए। महिला उमर निशा ने बताया कि पेड़-पौधे हमें शुद्ध हवा देते हैं।
चूल्हे से जितना धुआं निकलता है उससे हमारा वातावरण खराब होता है। इसलिए हमें देसी चूल्हे छोड़कर गैस के चूल्हे पर खाना बनाना चाहिए। अधिक से अधिक पौधरोपण करना चाहिए। शमशाद व फरीदा ने कहा कि कूड़ा-कचरा जलाने से हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। महिलाओं ने कहा कि जहां अधिक पौधे होते हैं, वहां बरसात ज्यादा होती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति कम से कम साल में दो पौधे जरूर लगाए तो पर्यावरण को शुद्ध ऑक्सीजन के लिए तैयार किया जा सकता है। अगर मजबूरी में कोई पेड़ काटना भी पड़ जाए तो उसके स्थान पर दूसरा पेड़ लगाना आवश्यक है।
इस दौरान सरकारी स्कूल के बच्चों ने छुट्टियां होने के बावजूद स्कूल पहुंचकर पिछले साल लगाए गए पौधों को पानी दिया और उनकी निलाई की। दरगाली स्कूल के वरिष्ठ शिक्षक अनिल भारती मालीवाल ने कहा कि हमने स्कूल में बच्चों के नाम से पौधे लगवाए हैं । बच्चे छुट्टी के बाद आकर अपने अपने पौधों को पानी देते आ रहे हैं और देखरेख करते हैं। इस अवसर पर मोहम्मद लियान, अंशुमा, अनस, अंस बच्चे और महिलाओं मौजूद रही।