लखनऊ। एमिटी यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में शुक्रवार को बीसीए प्रथम वर्ष के छात्र ने आत्महत्या का प्रयास किया। छात्र कानपुर के कल्याणपुर का रहने वाला है। बृहस्पतिवार रात में करीब 9:30 बजे वह गेट नंबर दो के पास दीवार फांदकर बाहर निकल गया था। शुक्रवार सुबह आठ बजे वापस आने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसे फटकार लगाई।
विवि प्रशासन ने छात्र के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे हॉस्टल से निष्कासित करने का आदेश जारी किया। इसके बाद छात्र ने हॉस्टल के कमरे में जाकर जहरीला पदार्थ खा लिया। बेहोशी की हालत में छात्र को अस्पताल ले जाया गया।
इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्र के मुताबिक एमिटी विवि के छात्र की आत्महत्या के प्रयास की सूचना मिली थी। छात्र को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने वहां जाकर छानबीन की और छात्र को बेहतर इलाज के लिए लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। इस संबंध में परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
दो पन्ने का लिखा नोट...विवि प्रशासन पर गंभीर आरोप
छात्र के पास से दो पन्ने का नोट मिला है। नोट में उसने विवि प्रबंधन और हॉस्टल स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र ने लिखा है कि वह हॉस्टल नंबर तीन के कमरा नंबर 306-सी में रहता है। बृहस्पतिवार रात वह हॉस्टल से बाहर चला गया था। इसकी सूचना उसने दोस्त के फोन से मम्मी को दे दी थी। मम्मी ने वार्डन को इसकी सूचना दे दी। शुक्रवार सुबह इस गलती के लिए हॉस्टल से निकाला जा रहा है। मेरी बात भी नहीं सुनी जा रही है। ये लोग मुझे एकेडमिक से भी सस्पेंड कर रहे हैं। मेरा भविष्य बर्बाद कर रहे हैं... हॉस्टल में चरस, गांजा, शराब, सिगरेट बहुत लोग पीते हैं तो उनको भी निष्कासित करना चाहिए। सिर्फ नाइट आउट की वजह से मेरा भविष्य खराब किया जा रहा है।
आरोप : जाति को लेकर चीफ प्रॉक्टर ने की टिप्पणी
नोट में छात्र ने चीफ प्रॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लिखा है कि चीफ प्रॉक्टर ने मीटिंग में कहा कि दूर खड़े रहो, छोटी जाति वालों को मैं पास नहीं आने देता। प्रॉक्टर ने मम्मी-पापा से भी गाली गलौज की, जिससे मुझे बहुत दुख हुआ। इन लोगों ने फीस वापस करने से भी मना कर दिया। मेरे पापा ने बड़ी मुश्किल से पैसे जमा किए थे। मैं अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता इसलिए मैंने जान देने का फैसला किया है।
विवि ने शुरू की विस्तृत जांच
इस संबंध में विवि के उप निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क चंद्रशेखर वर्मा का कहना है कि परिसर में हुई घटना के संदर्भ में एमिटी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से एक विस्तृत जांच प्रारंभ कर दी है। यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देती है। विश्वविद्यालय में समय-समय पर मेंटॉर-मेंटी मीटिंग्स आयोजित की जाती हैं ताकि छात्रों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सके। साथ ही विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे काउंसलिंग सेवा और हेल्पलाइन सुविधा भी संचालित की जाती है। विश्वविद्यालय प्रशासन संबंधित के साथ पूर्ण सहयोग कर रहा है और छात्र एवं उसके परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।