नोएडा के सेक्टर-122 के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइटें महीनों से बंद पड़ी हैं। रात होते ही सड़कों पर घना अंधेरा छा जाता है जिससे लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। आरडब्ल्यूए ने नोएडा प्राधिकरण और टाटा पावर दोनों को जिम्मेदार ठहराया है।
सेक्टर के लोगों का आरोप है कि शिकायत करने पर प्राधिकरण कहता है कि लाइट टाटा पावर की है, जबकि टाटा पावर इसे प्राधिकरण की बताकर पल्ला झाड़ लेता है। इसी उलझन में शिकायतें 10-10 दिन तक लंबित रहती हैं और लाइटें ठीक नहीं हो पातीं।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष शिवकुमार तिवारी का कहना है कि बरसात के मौसम में अंधेरी सड़कों पर जहरीले सांप और अन्य जीव-जंतु निकल रहे हैं। निवासियों का कहना है कि अंधेरे के कारण कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। बुजुर्गों और बच्चों का रात में निकलना मुश्किल हो गया है। चोरी-छिनैती का खतरा भी बढ़ गया है।
आरडब्ल्यूए महासचिव नितिन चौहान ने कहा कि संबंधित अधिकारियों से विनम्र अनुरोध है कि सभी खराब लाइटों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही यह स्पष्ट किया जाए कि किस लाइट की जिम्मेदारी किस एजेंसी की है, ताकि भविष्य में शिकायत का तुरंत समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि समय रहते कार्रवाई ही किसी बड़े हादसे को रोक सकती है। यही समस्या अन्य कई सेक्टरों में भी है सेक्टर 73 के निवासियों का भी कहना है कि टाटा और नोएडा प्राधिकरण की लाइटों में आपसी तालमेल न होने के कारण लोग परेशान रहते हैं।