नोएडा। लावारिस कुत्तों ने शनिवार दोपहर फेरी लगाकर बर्तन बेचने वाली एक महिला पर हमला कर दिया। कुत्तों ने महिला को काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़िता को लेकर लोग जिला अस्पताल पहुंचे। जहां से उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। उधर, सेक्टर-77 में भी लावारिस कुत्तों ने एक बच्चे को घायल कर दिया। सोशल मीडिया पर दिन भर यह मामला छाया रहा। विभिन्न सेक्टरों के निवासियों ने प्राधिकरण को जिम्मेदार ठहराते हुए जमकर भड़ास निकाली।
सेक्टर-22 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रदीप बोहरा ने बताया कि एच ब्लॉक में फेरी लगाकर बर्तन बेचने वाली महिला पर लावारिस कुत्तों ने हमला कर दिया। आसपास के लोगों ने उसे बचाया। बाद में उसे जिला अस्पताल ले जाकर इलाज कराया गया। अस्पताल में पीड़िता को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई। उन्होंने बताया कि महिला के हाथ में इतने गहरे घाव हो गए कि अंदर की हड्डियां तक नजर आ रहीं थीं। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने टांके लगाने से मना कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि कुत्ते के काटने पर संक्रमण होने का खतरा रहता है। पीड़िता को इलाज के लिए दिल्ली सफ दरगंज अस्पताल रेफर कर दिया गया।
प्रदीप बोहरा ने बताया कि अस्पताल में इलाज नहीं मिलने पर लोगों पर रोष है। इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सेक्टर-77 निवासी अमित ने इसके लिए नोएडा प्राधिकरण जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए ऑपरेशन कराने का टेंडर करीब पांच माह पूर्व समाप्त हो चुका है। नया टेंडर अब तक नहीं निकाला गया। वहीं, प्राधिकरण के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते हुए संजीव ने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है। इस पर सभी को मिलकर लड़ना होगा। प्राधिकरण की कमी से लोगों को यह समस्या झेलनी पड़ रही है। अगर डॉग शेल्टर बन जाएं तो समस्या का निवारण हो सकता है। लोगों का कहना है कि शहर में लावारिस कुत्तों का इस कदर भय है कि बच्चे घर से अकेले बाहर निकलने से डरते हैं।