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Noida News: उमस भरी गर्मी में खूंखार हुए लावारिस कुत्ते, तेजी से बढ़े कुत्ते काटने के मामले

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-उमस भरी गर्मी के कारण कुत्तों का व्यवहार चिड़चिड़ा हो रहा
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-रेबीज वैक्सीन लगवाने आने वाले मरीजों की संख्या में 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बरसात के बीच उमस वाली चिपचिपाहट का असर अब इंसानों के साथ बेजुबान जानवरों पर भी देखने को मिल रहा है। शहर के विभिन्न सेक्टर और सोसाइटियों में लावारिस कुत्ते आक्रामक हो गए हैं। उमस भरी गर्मी से कुत्तों का व्यवहार चिड़चिड़ा हो रहा है, इस वजह से शहर में कुत्ते के काटने की घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग और जिला अस्पताल से मिली पिछले एक सप्ताह की रिपोर्ट के मुताबिक, रेबीज इंजेक्शन (एआरवी) लगवाने आने वाले मरीजों की संख्या में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नोएडा के जिला अस्पताल सेक्टर-39 और विभिन्न निजी स्वास्थ्य केंद्रों में रोजाना औसतन 150 से 200 मरीज कुत्ते के काटने या खरोंचने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. प्रदीप कुमार शैलत ने बताया, गर्मी और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के कारण कुत्तों में हीट स्ट्रेस बढ़ जाता है। इसके अलावा, सड़कों पर पीने के पानी की कमी और चिड़चिड़ापन उन्हें छोटी-छोटी बातों पर आक्रामक बना देता है। ऐसे में वह इंसानों की सामान्य गतिविधि को भी अपने लिए खतरा मान लेते हैं।
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नोएडा प्राधिकरण की कार्यशैली पर उठे सवाल

सोसाइटियों में आरडब्ल्यूए और निवासियों ने नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ नाराजगी जताई है। लोगों का आरोप है कि कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण का अभियान केवल कागजों तक सीमित है। लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनका हिंसक होना अब सुरक्षा का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
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प्रभावित इलाके

सेक्टर-51, 62, 71, 121 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई हाइराइज सोसाइटियों व ग्रामीण इलाकों से कुत्ते के मामले सबसे ज्यादा सामने आते हैं। इसमें पार्कों में खेलने वाले बच्चों और सुबह-शाम टहलने निकलने वाले बुजुर्गों पर हमले की घटनाएं सबसे अधिक देखी जा रही हैं।
इन बातों का रखें ध्यान -

-अपने घर या सोसाइटी के बाहर बर्तन में साफ पानी रखें ताकि बेजुबान जानवर प्यासे न रहें।

-यदि सामने से कोई आक्रामक कुत्ता दिखे तो भागने या चीखने के बजाय शांत खड़े रहें।

-सोते हुए या खाना खाते हुए कुत्ते को अचानक न छेड़ें।

-कुत्ते के काटने या खरोंच मारने पर तुरंत जख्म को साबुन और बहते पानी से 10-15 मिनट तक धोएं और बिना देरी किए एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाएं।

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जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के एक सप्ताह के आंकड़े -
7 अगस्त - 219
8 अगस्त - 157
9 अगस्त - रविवार
10 अगस्त - 310
11 अगस्त - 104
12 अगस्त - 254

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