थानाकलां (ऊना)। बंगाणा ब्लॉक के गांवों में लावारिस कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव की गलियों, स्कूलों और बाजारों में कुत्तों के झुंड घूमते नजर आ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी प्रशासन, विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों पर कोई भी असर होता नहीं दिखा है। जिससे लोगों का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने में भय महसूस हो रहा है। कई स्थानों पर कुत्तों द्वारा लोगों को काटने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
इसी गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने अपने विचार साझा किए और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की। वहीं पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सक डॉ. राकेश जंगा ने बताया कि अब तक बंगाणा ब्लॉक में लगभग सौ लावारिस जानवरों का टीकाकरण किया जा चुका है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि संक्रमण और बीमारी का खतरा कम किया जा सके। हमारा उद्देश्य लोगों और पशुओं दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
लावारिस कुत्ते हर गली में घूमते हैं। सुबह और शाम के समय यह समस्या और बढ़ जाती है। कई बार छोटे बच्चों को स्कूल जाने में भी डर लगता है। अब यह केवल परेशानी नहीं, बल्कि एक गंभीर खतरा बन चुकी है।
-नरेश कुमार, ग्रामवासी
हमने पंचायत और प्रशासन को कई बार अवगत करवाया लेकिन केवल आश्वासन ही मिला है। लावारिस कुत्तों की संख्या इतनी बढ़ चुकी है कि लोग रात में घरों से निकलने में घबराते हैं। प्रशासन को अब सख्त कदम उठाने होंगे।
-यशवीर सिंह
यह केवल डर की नहीं बल्कि जनसुरक्षा की समस्या है। कई बार मोटरसाइकिल सवारों को झुंडों ने गिरा दिया। यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो ग्रामीण सामूहिक आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
-समित कुमार
इस समस्या का समाधान केवल प्रशासन पर निर्भर नहीं है। सामुदायिक सहयोग भी आवश्यक है। हर पंचायत में स्वयंसेवकों की एक टीम गठित की जानी चाहिए, जो पशु चिकित्सा विभाग के साथ मिलकर स्थिति की नियमित निगरानी करे।
-सोमदत्त शास्त्री
हमें स्कूल जाते समय डरे रहते हैं। कई बार कुत्ते पीछा करने लगते हैं। हम चाहते हैं कि जल्द कोई ठोस कदम उठाया जाए ताकि हम सुरक्षित महसूस कर सकें।
-सेजल शर्मा, छात्रा