बंद पड़े एसटीपी कर रहे मयूर विहार, नोएडा की हवा जहरीली
- खानापूर्ति कर दिल्ली जल बोर्ड ने भेजी अधूरी रिपोर्ट, एनजीटी ने की खारिज
- नए सिरे से एनजीटी ने जांच का किया आदेश
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर बसे मयूर विहार फेज-3 में बंद पड़े सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) हवा को प्रदूषित बना रहे हैं। मयूर विहार से सटे नोएडा के सेक्टरों में भी इससे हवा प्रदूषित हो रही है। इस समस्या को दूर कराने की जगह दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने एनजीटी के आदेश पर जांच में भी खानापूर्ति कर दी। इस जांच रिपोर्ट को एनजीटी ने अब खारिज कर नए सिरे से सभी एसटीपी से नमूने लेकर परीक्षण कराने का आदेश दिया है।
एनजीटी के आदेश के मुताबिक न्यू कोंडली, मयूर विहार फेज-3 में बने एसटीपी उपयोग में नहीं हैं। ऐसे में यहां डंप सीवरेज की वजह से हानिकारक गैस हवा में घुल रही हैं। इससे बदबू के अलावा स्थानीय लोगों की सेहत को भी नुकसान पहुंच रहा है। एनजीटी ने दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी को आदेश किया था कि पूरे मामले में तथ्यों के साथ जरूरी कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दें। दिल्ली जल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि कोंडली फेज-1, फेज-3 में मानकों को पूरा किया जा रहा है। कोंडली फेज-2 में बैक्टीरिया को कम करने के लिए स्थिरीकरण की प्रक्रिया चल रही है। फेज-4 में मानकों को पूरा नहीं किए जाने की बात कही गई। वहीं एनजीटी ने रिपोर्ट पर कई तकनीकी खामियों पर सवाल उठाते हुए इसे खारिज कर दिया।
एनजीटी ने अपने आदेश में कहा है कि रिपोर्ट में जब फेज-3 के एसटीपी से कोई नमूना ही नहीं लिया गया, तो ऐसे में यह आश्चर्यजनक है कि बिना जांच के कैसे दिल्ली जल बोर्ड अपनी रिपोर्ट में यहां मानकों को पूरा किए जाने की जानकारी दे रहा है। जांच रिपोर्ट में सबसे जरूरी घुलित ऑक्सीजन और कोलीफॉर्म के स्तर का जिक्र नहीं किया गया। अब दोनों विभागों को नई रिपोर्ट देने का आदेश किया है। चार सप्ताह में यह रिपोर्ट देनी है। एनजीटी इस मामले में अब 15 जनवरी 2024 को सुनवाई करेगा।