150 सीसीटीवी कैमरों की बैटरी चोरी करने वाले तूफानी गिरोह का पर्दाफाश
- कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस ने सरगना समेत चार बदमाशों को किया गिरफ्तार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर में 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की बैटरी चोरी करने वाले तूफानी गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। यह बदमाश ई-रिक्शा से एक्सप्रेसवे और हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की बैटरी चोरी करते थे। कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस ने इस गिरोह के सरगना समेत चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 54 बैटरी, तमंचा, इलेक्ट्रिक स्कूटी, चाकू, पेचकस, ई-रिक्शा और पिकअप सहित अन्य सामान बरामद हुआ है।
शहर के अलग-अलग इलाके में लगातार सीसीटीवी की बैटरी चोरी होने की घटना सामने आ रही थी। इसके बाद नोएडा के एसीपी रजनीश वर्मा के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। बदमाशों की पहचान बक्सर बिहार निवासी राजकुमार, देवरिया निवासी तूफानी गुप्ता, पौड़ी गढ़वाल निवासी संदीप गैंसला और अल्मोड़ा निवासी राम सिंह के रूप में हुई है। बदमाश बैटरी चोरी कर इरशाद नामक कबाड़ी को दस से 12 हजार रुपये में बेचते थे। पुलिस अब इरशाद की तलाश कर रही है। तूफानी इस गिरोह का सरगना है। नोएडा जोन के डीसीपी हरीश चंदर ने बताया, बदमाश दिन में रेकी करते थे और रात में चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। जिस रात मौसम खराब होता था। उस रात यह लोग सक्रिय होते थे। राजकुमार व तूफानी दिल्ली सब्जी मंडी और फेज दो सब्जी मंडी से सब्जी लाने का काम करते हैं। गिरोह के सदस्यों ने अबतक लगभग 150 से अधिक बैटरी चोरी दिल्ली-एनसीआर में की है। बैटरी चोरी को लेकर सेक्टर-126, एक्सप्रेसवे, सेक्टर-58 और सेक्टर-23 सहित अन्य थाने में केस दर्ज है।
एक साल से वारदात, आईटीएमएस को बनाया निशाना
नोएडा में प्राधिकरण की तरफ से आईटीएमएस सिस्टम से शहर में सीसीटीवी कैमरों का संचालन हो रहा है। इन बदमाशों ने सबसे अधिक नुकसान आइटीएमएस सिस्टम के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों को लगाया है। हाल ही में नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे व स्टेडियम के पास भी बैटरी चोरी हुई थी। पूछताछ में पता चला कि तूफानी ने करीब एक साल पहले बैटरी चोरी करने वाला गिरोह बनाया और इसमें चार लोगों को शामिल किया।
तूफानी अंदाज में करते थे चोरी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इस गिरोह का सरगना तूफानी है। साथ में ही यह लोग तूफानी अंदाज में चोरी करते थे। इस कारण इस गिरोह का नाम तूफानी गैंग पड़ गया। बैटरी चोरी की घटना को महज 50 सेकेंड से दो मिनट में अंजाम दिया जाता था। चोरी की बैटरी से जो रकम मिलती थी आरोपी उसे बराबर में बांट लेते थे। बरामद बैटरी की कीमत दस लाख रुपये के करीब बताई जा रही है। बैटरी चोरी का कोई विरोध करे तो उसको डराने के लिए आरोपी अपने पास तमंचा और चाकू भी रखते थे।