-स्टेन ऑडिटोरियम में ललितअर्पण महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। इंडिया हैबिटेट सेंटर के स्टेन ऑडिटोरियम में बुधवार को दो दिवसीय ललितअर्पण महोत्सव के 24वें संस्करण का आयोजन हुआ। इस वर्ष इस महोत्सव को ‘अंत: शक्ति: साहस और आशा’ थीम के साथ दर्शकों के बीच पेश किया गया। बीती शाम के आयोजन में कथक की प्रस्तुति के माध्यम से साहस, संघर्ष और जीवन को केंद्र में रखते हुए तीन कहानियों को पेश किया गया।
-कथक की मुद्राओं से बुनीं कहानियां
अग्निपंख नाम से प्रस्तुत इस कथक कहानी में तीन साहसी व्यक्तित्वों को दर्शाया गया। इसमें एक ऑटिस्टिक पियानो वादक, एक ट्रांसजेंडर, और एक एसिड अटैक सर्वाइवर की वास्तविक कहानियां शामिल थीं। इन कहानियों को कलाकार ने बहुत ही खूबसूरत कथक के माध्यम से जीवंत किया। दिखाया गया कि कैसे तीनों ने अपने साहस के बलबूते विपरीत परिस्थितियों में भी समाज एक जगह बनाई। इसके बाद नृत्यश्री अलकनंदा ने अपनी एकल प्रस्तुति में भाव, लय और ऊर्जा के अद्भुत संतुलन से यह सिद्ध किया कि जीवन की कठिनाइयां भी साधना बन सकती हैं। उनका कैंसर से संघर्ष के बाद मंच पर लौटना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण रहा।