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राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को जिला अस्पताल में मिलीं खामियां

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नोएडा। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम ने बुधवार को जिले में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। सुबह करीब साढे़ ग्यारह बजे बाथम सबसे पहले सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल पहुंचीं। सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल ने उनका स्वागत किया। समीक्षा के लिए जैसे ही वह इमरजेंसी वाले गेट पर पहुंचीं, वहां कुत्ता बैठे देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। कुत्ता इमरजेंसी वार्ड के बाहर आराम से लेटा हुआ था। सीएमएस के इशारे पर वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने कुत्ते को भगाया।
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इस दौरान अस्पताल की व्यवस्था में कई खामियां सामने आईं। हालांकि, सीएमएस ने ज्यादातर मामलों में व्यवस्था दुरुस्त होने की बात कही। बाथम ने विशेष रूप से महिला मरीजों और उनके तीमारदारों से बात की। उनसे पूछा कि कोविड काल के दौरान जिला स्तर पर महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने में कोई परेशानी तो नहीं हुई। करीब सवा घंटे अस्पताल की व्यवस्था देखने के बाद वह पहले बरौला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर भंगेल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचीं। भंगेल केंद्र पर पसरी गंदगी को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई।
महिलाओं की आरक्षित कुर्सियों पर बैठे मिले पुरुष
जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण सेंटर की व्यवस्था देखकर विमला बाथम नाराज हो गईं। यहां महिलाओं के लिए आरक्षित कुर्सियों पर पुरुष बैठे हुए थे, जबकि गर्भवती लंबी लाइन में लगी परेशान हो रही थीं। उन्होंने एक-दो महिलाओं से बात भी की। सभी ने बताया कि अस्पताल में सुविधाएं तो मिलती हैं, लेकिन लंबी लाइन और घंटों इंतजार के कारण खड़ा रहना पड़ता है। बाथम ने सीएमएस को निर्देशित किया कि गर्भवती को लाइन में ज्यादा इंतजार न करना पडे़। इसके लिए अतिरिक्त काउंटर शुरू किए जाएं और इंतजाम ऐसे किए जाएं कि गर्भवती बारी का इंतजार लाइन में खड़े होकर नहीं, बल्कि कुर्सी पर बैठकर करें।
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तीन माह से भटक रहे थे परिजन, बच्चे को मिला इलाज
बाथम को दौरे के दौरान एक परिवार ने घेर लिया। उन्होंने बताया कि आठ साल का बच्चा तीन माह से बीमार है। पहले उसे तेज बुखार रहता था। अब बुखार तो ठीक हैं, लेकिन पेट में दर्द है। बुधवार सुबह से ही बच्चे को लेकर इलाज के लिए भटक रहे हैं, लेकिन कोई डॉक्टर कुछ सुनने को तैयार ही नहीं है। जिला अस्पताल वाले उन्हें चाइल्ड पीजीआई भेज देते हैं और चाइल्ड पीजीआई वाले जिला अस्पताल। इस पर बाथम ने मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि तत्काल ही बच्चे को उचित इलाज दिया जाए। इसके बाद बच्चे को चाइल्ड पीजीआई के डाक्टरों ने देखा और दवाई दी।
पिंक बूथ पर रही महिलाओं की कम संख्या
कोरोना वैक्सीनेशन को महिलाओं के लिए विशेष रूप से बनाए गए पिंक बूथ पर काफी कम संख्या मेें महिलाएं थीं। सीएमएस ने बताया कि प्रतिदिन इस बूथ पर टीकाकरण के लिए 100 स्लॉट बुक किए जाते हैं। 100 स्लॉट बुक होने के बावजूद यहां काफी कम संख्या में ही महिलाएं पहुंच रही हैं।
सफाई व्यवस्था देख हुईं गदगद
जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था देख राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष खुश नजर आईं। इसके लिए उन्होंने सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सफाई व्यवस्था का अच्छी प्रकार से ध्यान रखा गया है। इसके लिए सीएमएस बधाई की पात्र हैं।
शासन के निर्देश पर सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रहीं स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की जा रही है। बुधवार को एक साथ यूपी के 22 जिलों में समीक्षा की गई। यह जानकारी की जा रही है कि कोविड काल के दौरान महिलाओं विशेष रूप से गर्भवती को सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला है या नहीं। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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- विमला बाथम, अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग
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