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ड्राई फ्रूट्स मामले में आरोपियों ने बांट रखे थे राज्य

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नोएडा (सुशांत समदर्शी)। फर्जी कंपनी खोलकर ड्राई फ्रूट्स आदि के नाम पर देश भर के लोगों से दो सौ करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले आरोपियों ने फर्जीवाड़े को बढ़ाने के लिए आपस में राज्य बांट रखे थे। आरोपी एक तरह से अलग-अलग राज्यों के प्रभारी के तौर पर काम करते थे। एसआईटी जांच में पता चला है कि आरोपी एनसीआर के अलावा देश भर के कई शहरों में दफ्तर खोलना चाहते थे, ताकि एक दफ्तर को यदि पुलिस सील कर दे तो दूसरे शहर में नई कंपनी खोलकर फर्जीवाड़े को चालू रख सकें।
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दरअसल ड्राई फ्रूट्स, चावल, तेल, मसाले आदि के नाम पर ठगी की शुरुआत मोहित गोयल ने बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से की थी। इसके लिए कई वर्षों का रोडमैप तैयार किया था। मोहित इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड है और उसके साथ काम करने वाले लोगों ने देश भर के राज्यों को आपस में कार्य क्षेत्र के हिसाब से बांट रखा है। फरार आरोपी रूपेश कुमार ठाकुर के पास दिल्ली-एनसीआर, मुसर्फिल लश्कर के पास पश्चिम बंगाल व उत्तर पूर्वी राज्य, प्रदीप निर्वाण के पास महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, आकाश दीप शर्मा उर्फ हैरी के पास पंजाब क्षेत्र था। वहीं उत्तरप्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश का काम सुमित यादव व इसके साथी देखते थे। इन सभी की निगरानी मोहित गोयल करता था।
कोल्हापुर में भी फर्जी कंपनी का पता चला
आरोपियों ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में भी एबी ग्रुप नाम से फर्जी कंपनी खोल रखी है। सोमवार को इस बात का पता चला। कमिश्नरेट पुलिस कंपनी के बारे में और जानकारी जुटा रही है। आरोपियों ने नोएडा व गुरुग्राम में कई फर्जी कंपनी खोल कर ठगी की थी। उनकी योजना कोलकाता, महाराष्ट्र, कर्नाटक में भी फर्जी कंपनी खोलने की थी, तब तक इस पूरे नेटवर्क का नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने खुलासा कर दिया। हालांकि खुलासे के चार दिन बाद ही गुरुग्राम में आरोपियों ने एक और फर्जी कंपनी खोल ली थी। इसे भी नोएडा पुलिस ने पकड़ लिया। अब तक सात फर्जी कंपनियों का पता चल चुका है।
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मोहित, सुमित के आने की डिलीट होती थी फुटेज
एसआईटी की जांच में पता चला है कि मोहित गोयल व सुमित यादव कंपनी के दफ्तर में कम ही आते थे। जिस दिन दोनों आते थे, पूरा लाव लश्कर साथ होता था। जब तक दोनों दफ्तर में रहते थे, सभी कर्मचारियों के मोबाइल जमा करा लिए जाते थे। केवल एक या दो युवतियों को ही मोहित व सुमित के फोटो लेने की इजाजत थी। जितनी देर दोनों दफ्तर में रहते थे, उतनी देर की सीसीटीवी फुटेज भी उसके जाने के बाद डिलीट कर दी जाती थी।
ड्राई फ्रूट्स के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी राज्यवार कामकाज देखते थे। मोहित गोयल सभी को निर्देशित करता था। इस गिरोह से जुड़ी कोल्हापुर में भी एक कंपनी के संचालन की जानकारी मिली है। उसकी जांच की जा रही है।
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- रजनीश वर्मा, एसीपी द्वितीय, नोएडा
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