नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने चुनाव आयोग की ओर से पूरे देश में शुरू किए विशेष गहन पुनरीक्षण का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से दिल्ली की वोटर लिस्ट सही और पारदर्शी सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत रही है।
बीस साल से कांग्रेस और आप बार-बार लुभावने वादे कर फर्जी वोटरों को जोड़ने का काम करती रही हैं। यही वजह है कि राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल जैसे नेता इस कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि घुसपैठियों और अवैध वोटरों के नाम लिस्ट से हट जाएंगे। हाल के विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई थी। एक ही पते पर 60 से 100 वोट बनाए गए और यहां तक कि फुटपाथ पर नकली घर नंबर डालकर वोटर बनाए गए। वर्ष 2015 में अचानक 13 लाख और 2020 में आठ लाख से अधिक वोट बढ़ गए। हमारी जांच में साफ हुआ कि इनमें घुसपैठियों और गैर-नागरिकों के नाम शामिल थे। भाजपा ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग को 10 हजार पेजों की शिकायत सौंपी थी जिसमें कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर की गई जांच का पूरा ब्योरा था। दिल्ली में आयोग की पहल के तहत अब 2002 की मतदाता सूची को आधार माना जाएगा। जिन लोगों के नाम 2002 की सूची में हैं उन्हें केवल एन्यूमरेशन फॉर्म भरना होगा जबकि नए मतदाताओं को माता-पिता का नाम दर्ज कर प्रतिलिपि लगानी होगी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता हर बूथ पर मतदाताओं की मदद करेंगे।