संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले परिवहन, युवा सेवा और खेल, सूचना प्रौद्योगिकी और प्रशिक्षण मंत्री सतीश शर्मा ने शुक्रवार को सिविल सचिवालय में कई सार्वजनिक प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इस मौके पर मंत्री ने प्रतिनिधिमंडलों के साथ बातचीत के दौरान विभिन्न क्षेत्र-विशिष्ट चुनौतियों, नीति अंतराल और प्रशासनिक समर्थन की जनता की मांगों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आए हुए प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि उनके मुद्दों की समयबद्ध तरीके से जांच और समाधान किया जाएगा।
वहीं वेस्टर्न यूनियन ट्रांसपोर्ट प्रतिनिधिमंडल ने परिवहन परमिट, किराया पुनरीक्षण तंत्र के सुचारू संचालन, प्रवर्तन सशक्तिकरण आदि से संबंधित मुद्दे उठाए। उन्होंने समीक्षा तंत्र, अनधिकृत परिवहन संचालन को रोकने के लिए प्रवर्तन को मजबूत करना, वाहन फिटनेस और नवीनीकरण प्रक्रियाओं में देरी को दूर करने की मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की ताकि परिवहन नियमों को और अधिक सुगम, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाया जा सके। रेहबर-ए-खेल कर्मचारियों के संघ ने अपनी सेवाओं के नियमितीकरण और लंबित मानदेय की समय पर देने जैसे कई मुद्दे उठाए। उन्होंने मंत्री से अपील की कि वे खेल विकास में जमीनी स्तर पर सेवा देने वाले सैकड़ों युवाओं के भविष्य की सुरक्षा करें। वहीं केरोसीन डीलर एसोसिएशन के एक अन्य प्रतिनिधिमंडल ने आपूर्ति श्रृंखला में चुनौतियों को उजागर किया, जिसमें अनियमित और अपर्याप्त केरोसीन आवंटन और पारदर्शी वितरण तंत्र की आवश्यकता शामिल है। उन्होंने निर्बाध सार्वजनिक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक सुव्यवस्थित नीति समर्थन का अनुरोध किया।
मिनी बस ऑपरेटर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने यातायात नियमों, निर्दिष्ट स्टॉप की कमी और कुछ मार्गों पर भीड़भाड़ को रोकने के लिए रूटों के तर्कसंगत पुनर्गठन की आवश्यकता से संबंधित समस्याओं को उठाया, बढ़ती परिचालन लागत के कारण वित्तीय दबाव, लंबित सब्सिडी और सहायता मामलों की त्वरित मंजूरी। उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि ऐसे कार्य किए जाएं जो छोटे परिवहन ऑपरेटरों की आर्थिक व्यवस्था को बढ़ावा मिल सके। वहीं इस मौके पर कई अन्य प्रतिनिधिमंडल भी मंत्री से मिले और सार्वजनिक कल्याण, अवसंरचना की कमी और विभागीय सेवा वितरण से संबंधित अपनी मांगें प्रस्तुत कीं।
मंत्री सतीश शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को तीव्र निवारण के लिए प्रतिनिधिमंडलों द्वारा उठाए गए मुद्दों और चिंताओं की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने वास्तविक मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई, विभागवार प्रमुख मुद्दों की समीक्षा, जहां आवश्यक हो, नीति स्तर की हस्तक्षेप, पारदर्शी, कुशल और नागरिक-केंद्रित प्रशासन के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। उन्होंने दोहराया कि ऐसे संवाद सेवा वितरण में सुधार करने और जनता और प्रशासन के बीच की खाई को पाटने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
रिपोर्ट, परवेज खान