- मुख्य सचिव ले किया बढ़ती सजा दर और सख्त प्रवर्तन का समर्थन
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने मंगलवार को नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की 15वीं बैठक की अध्यक्षता की। इसमें जम्मू-कश्मीर के जिलों में नशीले पदार्थों की तस्करी और मादक द्रव्य दुरुपयोग की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए चल रहे प्रयासों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) समर्थित उपकरणों के प्रयोग के लिए कहा।
बैठक के प्रारंभ में मुख्य सचिव ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत उच्च सजा दर सुनिश्चित करने के लिए कानूनी एवं संस्थागत ढांचे को मजबूत करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने पुलिस एवं विधि विभागों को मिलकर अभियोजन परिणामों में सुधार के लिए रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने डी-एडिक्शन मरीजों को दी जाने वाली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए मजबूत निगरानी तंत्र की मांग की। उन्होंने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी को नमूना परीक्षण की गति एवं गुणवत्ता बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि विश्वसनीय रिपोर्ट समय पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने लंबित एनडीपीएस मामलों की समीक्षा, प्रक्रियात्मक देरी के कारणों की पहचान तथा आवश्यक सुधारात्मक उपाय करने के भी निर्देश दिए।
सितंबर तक 1,342 एनडीपीएस मामले दर्ज
बैठक में एडीजीपी क्राइम सुजीत के सिंह ने बताया कि सितंबर तक 1,342 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए जिनमें से 1,305 को चालान किया गया, जिससे 142 सजाएं, 197 बरी तथा 339 मुकदमे पूरे हुए। इनमें 12 उच्च-सजा मामले शामिल हैं। 6 अक्तूबर 2025 से केवल 71 एफएसएल मामले लंबित हैं। 16.64 करोड़ की 81 संपत्तियां कुर्क की गईं।