जिला उपक्रीडा अधिकारी अनीता नागर ने बताया कि नोएडा के दोनों बाल संप्रेषण गृह में इनडोर-आउटडोर खेलों के मैदान तैयार करवाए जा रहे हैं। यहां किशोर और किशोरियां सुबह और शाम को पसीना बहा रहे हैं। वहीं, फेस-2 स्थित बाल संप्रेषण गृह के सामने पार्क में वॉलीबॉल कोर्ट तैयार किया गया है।
बाल संप्रेषण गृह में बंदियों को अब खेलों में निपुण बनाया जाएगा। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने यह पहल की है। नोएडा के फेस-2 और सेक्टर-62 स्थित बाल संप्रेषण गृह में करीब 250 से अधिक बंदियों को वॉलीबॉल, बैडमिंटन, फुटबाल सहित कई खेलों के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए खेल विभाग की ओर से खेल सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
विज्ञापन
जिला उपक्रीडा अधिकारी अनीता नागर ने बताया कि दोनों बाल संप्रेषण गृह में इनडोर-आउटडोर खेलों के मैदान तैयार करवाए जा रहे हैं। यहां किशोर और किशोरियां सुबह और शाम को पसीना बहा रहे हैं। वहीं, फेस-2 स्थित बाल संप्रेषण गृह के सामने पार्क में वॉलीबॉल कोर्ट तैयार किया गया है।
कोच दे रहे ट्रैनिंग
बाल संप्रेषण गृह में ट्रेनिंग के लिए खेल विभाग ने कोच भी तैनाती किया है। मलकपुर स्टेडियम के कोच किशोर-किशोरियों को खेलों की बारीकियां सिखा रहे हैं। फिलहाल बंदी वॉलीबॉल और बैडमिंनट के गुर सीख रहे हैं। शीघ्र ही नेटबॉल कोर्ट भी तैयार करवाया जाएगा।
विज्ञापन
क्या है बाल संप्रेषण गृह
बाल संप्रेषण गृह में विभिन्न अपराधों में लिप्त किशोर-किशोरियों को रखा जाता है। यहां उनकी काउंसलिंग की जाती है। साथ ही ऐसा माहौल दिया जाता है कि ये न लगे कि वे अपराधी हैं। उन्हें शिक्षा, भोजन, कपड़े और विभिन्न प्रशिक्षण दिए जाते हैं।