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रफ्तार के शौकीन युवा नहीं करते जान की परवाह : बृजेश पाठक

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- ग्रेटर नोएडा के जेपी रिसाॅर्ट में यथार्थ अस्पताल के यथार्थकॉन ट्रामा 2.0 सेमीनार में पहुंचे उपमुख्यमंत्री
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। रफ्तार की शौकीन आज की युवा पीढ़ी जान की परवाह नहीं करती। वो हर समय वाहनों की रफ्तार चेक करने के लिए अक्सर तेज गति से दौड़ाते हैं। अभी बिजनौर से आते समय हाइवे पर कई वाहनों की गति में काफी तेजी देखी। शायद 150 किमी प्रति घंटा से अधिक भी होगी। युवा पीढ़ी को सामान्य समय में वाहनों की रफ्तार नियंत्रित रखनी चाहिए।
यह बातें उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. बृजेश पाठक ने ग्रेटर नोएडा के जेपी रिसाॅर्ट में आयोजित यथार्थ अस्पताल के यथार्थकॉन ट्रामा 2.0 सेमीनार में मुख्य अतिथि के तौर पर कहीं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. पाठक ने कहा कि सभी जानते हैं कि मानव जीवन बहुत अमूल्य है तो इसको बचा कर रखना चाहिए। हमें अपने जीवन के प्रति बिल्कुल भी लापरवाह नहीं होना चाहिए। आज से 30 साल पहले वाहनों पर 40 किमी प्रति घंटा का स्टिकर लगा होता था जिसका लोग पालन भी करते थे। लेकिन आज के समय में वाहनों में गति की कोई सीमा नहीं होती है, जिसका जितना मन किया, वाहन को उतनी तेज गति से दौड़ा रहा है और हादसों को दावत दे रहा है। सरकार ने हाइवे पर लोकल पुलिस को तैनात किया है। एंबुलेंस भी लगाईं हैं।
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जीवन गढ़ने और बचाने का काम करते हैं शिक्षक और चिकित्सक

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि शिक्षक जीवन को गढ़ने का काम करते हैं और चिकित्सक मानव के जीवन को बचाने का काम करते हैं। यह दोनों ही समाज हमारी दुनिया में एक अलग ही स्थान रखते हैं। शरीर एक मशीन की तरह काम करती है। आज के समय में हम लोगों को जो भी मिल जाता है और खा-पी लेते हैं। जिसके बाद कहीं पेट खराब, तो कहीं संक्रमण, तो कहीं लीवर फैटी हो जाता है। युवा पीढ़ी की आदत रात के तीन चार बजे तक जाग कर फोन चलाने की हो गई है। सुबह चार पांच बजे तक सोते हैं।
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हर अस्पताल के गेट पर तैनात हो प्रशिक्षित स्टाफ


उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि हर अस्पताल को ट्रामा के पहले चरण में मरीज से किसी को कुछ नहीं पूछना चाहिए। हर अस्पताल के गेट पर दो ट्रामा के ट्रेंड को तैनात रखना चाहिए जिससे मरीज को सीधे ट्रामा के ओपीडी में भर्ती कराया जा सके। क्योंकि अस्पताल आने वाले मरीजों के तीमारदारों को यह नहीं पता होता है कि कहां भर्ती कराना है। ऐसे में काफी मरीजों की बेड पर पहुंचने से पहले मौत हो जाती है।
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12 प्रदेशों के विशेषज्ञ सलाहकार हुए शामिल

ग्रेटर नोएडा के जेपी रिसार्ट में यथार्थ हॉस्पिटल की ओर से आयोजित किए गए यथार्थकॉन ट्रामा 2.0 सेमीनार में करीब 12 प्रदेशों के ट्रामा के विशेषज्ञ सलाहकार और नए डॉक्टर शामिल हुए। इस दौरान ट्रामा की गति में कैसे रोक लगाई जाए और किस तरीके मरीजों को समय पर उपचार देकर जान बचाई जाए। इसके अलावा अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।
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