रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) विवेकानंद पुस्तकालय विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बदलाव करने जा रहा है। अब विद्यार्थी एक कॉर्नर में बैठकर महान विभूतियों की जीवनी पढ़ सकेंगे। शोध में भी आसानी होगी। पुस्तकालय में 11 विशेष कॉर्नर बनाए जा रहे हैं जिनमें से 10 कॉर्नर देश की महान विभूतियों को समर्पित होंगे। इन 10 कॉर्नरों में महान विभूतियों के जीवन, कार्यों और उनके विचारों से जुड़ी किताबें उपलब्ध होंगी।
लाइब्रेरियन डॉ. सतीश मलिक ने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों को एक ही जगह पर पसंद की विभूति से संबंधित सामग्री मिल जाएगी जिससे उन्हें उन पर शोध करने और गहन अध्ययन करने में आसानी होगी।
एक कॉर्नर महर्षि दयानंद से जुड़ा रहेगा जबकि एक कॉर्नर पूरी तरह स्वामी विवेकानंद पर आधारित रहेगा। एमडीयू का नाम व पुस्तकालय का नाम इन महान विभूतियों पर आधारित है।
इसके अलावा, एमडीयू की ओर से एक समिति का गठन किया जाएगा जो यह तय करेगी कि अन्य 8 कॉर्नरों में किन महान विभूतियों को शामिल किया जाएगा। इन 10 कॉर्नरों के अलावा एक अलग कॉर्नर विश्वविद्यालय के अध्यापकों की ओर से लिखी गईं पुस्तकों के लिए बनाया जाएगा।
इस कॉर्नर में एमडीयू के अध्यापकों की ओर से लिखी गई किताबें उपलब्ध होंगी। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह की पुस्तकालय विस्तार की सोच को डॉ. सतीश मलिक ने सराहते हुए उनका आभार किया।
पुस्तकालय में मोबाइल जोन की नई सुविधा
पुस्तकालय में विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया जा रहा है। पुस्तकालय के हर फ्लोर पर एक मोबाइल जोन बनाया जाएगा। अब तक फोन आने पर विद्यार्थियों को बात करने के लिए लाइब्रेरी से बाहर जाना पड़ता था। मोबाइल जोन बनने के बाद वे शांति से कॉल अटेंड कर सकेंगे जिससे पुस्तकालय का माहौल भी शांत बना रहेगा और विद्यार्थियों को भी परेशानी नहीं होगी।