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बुलंदशहर समेत सभी संस्करणों के ध्यानार्थ:::: अफसर के नाम पर फर्जीवाड़े की रकम खपाने वालों को झांसा दे रहा था सपा नेता

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बाइक बोट फर्जीवाड़ा...
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अफसर के नाम पर फर्जीवाड़े की रकम खपाने वालों को झांसा दे रहा था सपा नेता
- ईडी रिमांड पर लेकर बुलंदशहर के पूर्व सपा जिलाध्यक्ष से कर रही पूछताछ

- आरोपियों ने अपनी संपत्ति हासिल करने के लिए खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
जेपी शर्मा

ग्रेटर नोएडा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हत्थे चढ़ा सपा नेता दिनेश गुर्जर बाइक बोट फर्जीवाड़े की रकम खपाने वाले आरोपियों को एक अफसर का नाम लेकर मामला निपटाने का झांसा दे रहा था। आरोपी अपनी राजनीतिक पहुंच और अफसर से करीबी का हवाला देकर जेल जाने व संपत्ति कुर्क होने से बचाने का हवाला दे रहा था। लेकिन मामला संज्ञान में आते ही ईडी ने सपा नेता पर शिकंजा कस दिया।
दिनेश गुर्जर समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता है और उसकी हाईकमान तक अच्छी पकड़ बताई जाती है। जांच में पता चला है कि आरोपियों की ओर से डेढ़ करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया। इसके अलावा ये भी जानकारी मिली है कि रकम खपाने वाले आरोपियों की रिकार्डिंग किसी तरह जांच एजेंसी को मिल गई है। रुपये के ट्रांजेक्शन या कॉल रिकार्डिंग को लेकर जांच में ही सपा नेता फंसा है। ये भी चर्चा है कि रकम खपाने वाले ये आरोपी फर्जीवाड़े के केस में गवाह बनकर भी खुद को बचाने के प्रयास में है। जबकि इनमें एक आरोपी फर्जीवाड़े के आरोपियों की अफसर आदि से सांठ-गांठ कराने की भूमिका निभा चुका है। इसके खिलाफ फर्जीवाड़े के मामले में भी केस भी दर्ज है।
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बता दें कि वर्ष 2018-19 में बाइक बोट फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। आरोपियों ने देश के लाखों निवेशकों को ठगी का शिकार बना था। इनमें देश के हजारों सैनिक,पूर्व सैनिक भी शामिल थे। आरोपियों ने फर्जीवाड़े की रकम को खपाने के लिए कई लोगों की मदद ली थी। कई आरोपियों ने प्रदेश ही नहीं दूसरे प्रदेश व विदेश में भी इस रकम को निवेश किया। आरोपियों ने पड़ोसी जिले बुलंदशहर में कुछ लोगों से संपर्क कर उनकी कराेड़ों रुपये जमीन को खरीदने वह अन्य काम के लिए रकम दे दी। अब ईडी ने ग्रेनो में रहने वाले बुलंदशहर के सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश गुर्जर के घर पहले जांच पड़ताल की, फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। रिमांड पर सपा नेता से पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक फर्जीवाड़े की रकम निवेश करने वालों में बुलंदशहर निवासी भी अपना बचाव ढूंढ रहे थे। ऐसे में एक अधिकारी या पूर्व अधिकारी का नाम लेकर सपा नेता ने इन आरोपियों को बचाने का झांसा दिया था।



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कुलपति से लेकर स्कूल संचालक के खिलाफ पांच याचिका दायर

- कंपनी की करोड़ों रुपये की जमीन और वाहन हड़पने का आरोप



ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट फर्जीवाड़े के आरोपियों ने गौतमबुद्ध नगर जिला न्यायालय में पांच अलग-अलग याचिका दायर की हैं। आरोपियों के वकील पवन कसाना ने बताया कि करनपाल की ओर से दायर की गई याचिका में कहा गया है उन्होंने हिमाचल प्रदेश स्थित एक विवि के कुलपति और चार अन्य पदाधिकारियों को 56 करोड़ जमीन खरीदने के लिए दिए थे।
दूसरी शिकायत में कहा है कि इंडपेंडेंट टीवी की सभी संपत्ति को बाइक बोट की जीआईपीएल कंपनी ने 25 करोड़ रुपये देकर खरीद लिया था। लेकिन कंपनी से ताल्लुक रखने वाले एक व्यक्ति और उसकी पत्नी ने मिलकर संजय भाटी के डिजिटल फर्जी हस्ताक्षर बनाकर रुपये हड़प लिए। तीसरी शिकायत में बुलंदशहर स्थित एक स्कूल के संचालक ने उन्हें खुर्जा के अरनिया मौजपुर में 17 बीघा जमीन दिलाने के नाम पर साढ़े तीन करोड़ रुपये लिए थे। लेकिन अब तक जमीन का बैनामा नहीं किया।
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चौथी शिकायत में कहा है कि वर्ष 2018 में एक व्यक्ति ने कासना स्थित एक मार्केट में भागीदारी के नाम पर दो करोड़ रुपया लिया था। लेकिन अब तक न तो भागीदार बनाया और न ही रुपये वापस किए। पांचवी शिकायत में कहा है कि कंपनी की कई गाड़ियों को कुछ लोग चला रहे हैं। इनसे कई बार कहा है कि या तो वाहनों को जांच एजेंसियों के सुपुर्द कर दें या फिर कंपनी को दे दें। लेकिन मेरठ निवासी एक व्यक्ति जो इन गाड़ियों को चलवा रहा है, उसने गाड़ियों की सुपुर्दगी नहीं दी है। सभी मामलों में रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की गई है।
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