नई दिल्ली। अदालत ने दिल्ली पुलिस के हवलदार के बेटे को शनिवार को जमानत प्रदान कर दी। आरोपी पर दिल्ली पुलिस के सिपाही भर्ती परीक्षा में अपने स्थान पर किसी दूसरे युवक को बैठाने का आरोप है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने आरोपी व उसके पिता को तीन जनवरी को गिरफ्तार किया था। आरोपी के पिता हवलदार को 14 जनवरी को जमानत मिल चुकी है।
पटियाला हाउस अदालत के दिनेश कुमार ने आरोपी कशिश कुमार को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके व जमानती की शर्त पर शनिवार को जमानत प्रदान कर दी। वह दिल्ली पुलिस के हवलदार विनीत कुमार का बेटा है। अदालत ने जांच में आरोपी की जरूरत न होने और उसकी कम उम्र को ध्यान में रखते हुए जमानत प्रदान की है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में सात साल की अधिकतम सजा का प्रावधान है और वह 20 दिन हिरासत में बिता चुका है। उसका कोई पिछला आपराधिक रिकार्ड नहीं है। इन तथ्यों के मद्देनजर उसे जमानत प्रदान की जाती है। इस मामले में अभी तक उस आरोपी की पहचान नहीं हुई है जिसने कशिश के स्थान पर पेपर दिया था।
दिल्ली पुलिस ने कर्मचारी चयन आयोग के अंडर सेक्रेटरी एचएल प्रसाद की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर विनीत कुमार व कशिश कुमार को गिरफ्तार किया था। इस शिकायत में एक सामाजिक कार्यकर्ता की सात दिसंबर की शिकायत भी दी गई थी। इसमें कहा गया था कि 27 नवंबर 2020 को आयोजित दिल्ली पुलिस की भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा हुआ है। इसमें मुजफ्फरपुर बिहार के दो परीक्षा केंद्र असली के स्थान पर फर्जी उम्मीदवारों से पेपर दिलाने में शामिल हैं।