गुजरात मॉडल से प्रेरणा लेकर दिल्ली सरकार की नई पहल, जल मंत्री ने किया दौरा
प्रवेश वर्मा ने कहा - जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने जल संरक्षण और अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वाकांक्षी कदम उठाते हुए मुनक नहर को सोलर पैनलों से ढकने की योजना बनाई है। यह पहल गुजरात के मॉडल से प्रेरित है। गुजरात में नहरों पर सोलर पैनल लगाकर पानी की रक्षा, ऊर्जा उत्पादन और भूमि के समुचित उपयोग को एक साथ साधा गया है।
रविवार को जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने मुनक नहर का निरीक्षण कर योजना के प्रारंभिक खाके का मूल्यांकन किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली सीमा में आने वाले 17 किलोमीटर लंबे हिस्से में नहर के दोनों किनारों पर चार फीट ऊंची दीवार बनाकर सोलर पैनल लगेंगे। गुजरात में नहरों पर सोलर पैनल लगाने से दोहरा लाभ प्राप्त हुआ। एक ओर बिजली का उत्पादन हुआ तो पानी के वाष्पीकरण से हानि में कमी आई। अब दिल्ली सरकार इस नवाचार को राजधानी की जरूरतों के अनुसार ढालकर लागू करना चाहती है। इस कड़ी में दिल्ली सरकार ने जल आपूर्ति में अहम भूमिका निभाने वाली मुनक नहर पर योजना लागू करने का निर्णय लिया है। यह नहर जल हानि, प्रदूषण और सुरक्षा संकटों से जूझ रही है। खुले और असुरक्षित हिस्सों से डूबने की घटनाएं और कचरा फेंकने की समस्याएं भी सामने आई हैं। जल मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना केवल पानी बचाने का उपाय नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, जन-सुरक्षा और स्मार्ट जल प्रबंधन की दिशा में समग्र प्रयास है। फिलहाल, इस योजना पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जो आने वाले महीनों में पूरी होने की उम्मीद है।
सोलर पैनल योजना के संभावित लाभ
- पानी के वाष्पीकरण में कमी और जल संरक्षण
- सौर ऊर्जा उत्पादन, जिससे नहर क्षेत्र के कार्यों को बिजली आपूर्ति संभव
- नहर की सुरक्षा और स्वच्छता में सुधार
- आसपास के इलाकों में हरियाली और पर्यावरणीय लाभ