18वें दिन सोहनपाल के शव को नसीब हुई मुखाग्नि
- जिम्स में वृद्ध के शव रखकर भूलने के मामले में 7 दिन में रिपोर्ट देगी कमेटी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिम्स अस्पताल की लापरवाही के बाद 18वें दिन मंगलवार को वृद्ध सोहनपाल के शव को मुखाग्नि नसीब हो पाई। पड़ोसी युवक चवल ने उनका मंगलवार को सेक्टर-94 स्थित अंतिम निवास में अंतिम संस्कार किया गया। चवल ने बताया कि सोहनपाल हमेशा उनसे कहते थे कि मरने के बाद उसका अंतिम संस्कार वह करे। उन्होंने ही सोहनपाल को जिम्स में भर्ती कराया था।
वहीं, 15 दिनों तक शव गृह में शव रखकर भूलने के मामले में जिम्स प्रशासन ने जांच के लिए एक कमेटी गठित की है और एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को देगी। मूलरूप से उड़ीसा निवासी सोहनपाल ईटा-1 स्थित एक मकान में लगभग 13 वर्षों से रहते थे। छोटा-मोटा कार्य कर अपना गुजारा करते थे। 22 अगस्त को सोहनपाल को ब्रेन हेमरेज हुआ था। पड़ोसी चवल ने उन्हें राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में भर्ती कराकर करीब दो माह तक देखने नहीं गया। जिम्स प्रशासन का कहना है कि चवल ने जिम्स में जो मोबाइल नंबर लिखाया था, वह भी गलत था। इसके चलते अस्पताल प्रबंधन उनसे बात नहीं कर सका।
23 सितंबर को उपचार के दौरान सोहनपाल की मौत हो गई। इस दौरान उनके शव को जिम्स के शवगृह (मोर्चरी) में रख दिया गया। सोहनपाल की मौत के करीब 15 दिन बाद जिम्स की ओर से 7 अक्तूबर को कासना कोतवाली में जानकारी दी गई। कासना पुलिस ने ईटा-1 का पता देखकर सूरजपुर कोतवाली से संपर्क किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले भेजा गया। मौत के इतने दिन बाद पंचनामा भरे जाने के कारण पोस्टमार्टम हाउस के डॉक्टरों ने मामला संदिग्ध मानते हुए दो डॉक्टरों का पैनल बनाया। 10 अक्तूबर को वृद्ध के शव का पोस्टमार्टम हो सका।
15 दिन तक शव को शव गृह में रखकर भूलने के मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। जिम्स को इसकी सूचना समय पर पुलिस को देनी चाहिए थी।
दीपक कुमार, एडवोकेट।
साेहनलाल के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद ग्रेटर नोएडा निवासी उनके पड़ोसी को सौंप दिया। उसने शव का दाह संस्कार कर दिया है।
अवधेश कुमार, प्रभारी निरीक्षक सूरजपुर कोतवाली।
-
बुजुर्ग की मौत के बाद शव की जानकारी पुलिस को देरी से देने के मामले में एक जांच कमेटी गठित की है। कमेटी एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी।
डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता, निदेशक जिम्स