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ठगी की शिकार हुई सॉफ्टवेयर डेवलपर चलाएंगी साइबर अपराध के खिलाफ मुहिम
- जालसाजों ने दस मिनट में निकाले पांच लाख, तीन लाख का पर्सनल लोन लिया
- क्रेडिट कार्ड से निकाले दो लाख रुपये पुलिस ने वापस दिलाये, लोन अमाउंट रोका
जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-137 सुपरटेक ईकोसिटी निवासी सॉफ्टवेयर डेवलपर जनुकीश गर्ग ने रेलवे टिकट कैंसिल कराने के लिए गूगल से कस्टमर केयर का नंबर लेकर कॉल किया। साइबर जालसाजों जनुकीश से ठगी कर ली। आरोपियों ने उनके मोबाइल पर लिंक भेजकर दस मिनट के भीतर ओटीपी आदि हासिल कर तीन लाख रुपये बैंक अकाउंट से, दो लाख रुपये की क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग कर ली। साथ ही जनुकीश के नाम से तीन लाख रुपये का लोन भी ले लिया। हालांकि पीड़िता ने तत्परता दिखाते हुए हेल्पलाइन पर कॉल की। इसके चलते क्रेडिट कार्ड से खर्च किए गए दो लाख रुपये उन्हें वापस मिल गए और लोन भी वापस हो गया। वारदात के बाद पीड़िता ने साइबर ठगी से लोगों को बचाने और आरोपियों पर कार्रवाई के लिए मुहिम चलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए वे अपने साथियों को भी अपने साथ जोड़ रही हैं।
दिल्ली में नौकरी करने वाली जुनकीश ने तीन अप्रैल को ऑनलाइन रेलवे टिकट की बुकिंग की थी। किसी वजह से उन्हें टिकट कैंसिल कराना पड़ा। रिफंड आदि प्राप्त करने के लिए उन्होंने गूगल से आईआरसीटीसी की हेल्पलाइन पर कॉल की। कॉलर ने रिफंड का झांसा देकर उनके मोबाइल पर एक लिंक भेजा। क्लिक करने पर जनुकीश का मोबाइल हैक हो गया और आरोपियों ने सबसे पहले उनके खाते से पांच लाख रुपये निकाले, इसके बाद दो लाख रुपये की क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग की। इसके बाद ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड से तीन लाख रुपये का पर्सनल लोन भी ले लिया। ठगी की जानकारी होते ही जनुकीश ने साइबर हेल्पलाइन पर कॉल कर खाता और कार्ड ब्लॉक कराये।
केस दर्ज कराने के लिए करना पड़ा प्रयास
जनुकीश ने बताया कि वारदात के दौरान वह पानीपत में थीं। उन्हें वहां दिल्ली या नोएडा जाकर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया। उन्होंने इस संबंध में ट्वीट कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने नोएडा के सेक्टर-108 स्थित साइबर सेल में शिकायत दी। जिसके बाद थाना 142 में केस दर्ज किया गया। इसके बाद उन्हें क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग वाले दो वापस मिले और लोन भी रुकवा दिया गया। लेकिन खाते से निकले पांच लाख रुपये वापस पाने के लिए वे प्रयास कर रही हैं।
यू-ट्यूब चैनल चलाकर करेंगी जागरूक
जनुकीश ने बताया कि उन्होंने ठगी के बाद उन्हें पता चला कि किस तरह साइबर ठग लोगों की गाढ़ी कमाई हड़प रहे हैं। पीड़ितों को ठगी के शिकार होने के बाद कितनी परेशानियां उठानी पड़ती हैं। साइबर ठगी रोकने का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। इसलिए वे लोगों को जागरूक करने के लिए यू-ट्यूब चैनल शुरू करेंगी। इस पर साइबर ठगी के नए-नए ढंग व इनसे बचने की जानकारी उपलब्ध कराएंगी। वह पुलिस, साइबर एक्सपर्ट व मीडियाकर्मियों से भी इस संबंध में जानकारी जुटाकर लोगों को अवगत कराएंगी।
गूगल से ठगों के मकड़जाल को तोड़ने का होगा प्रयास
जनुकीश कहती हैं कि गूगल पर नंबर सर्च करने पर सबसे ऊपर ठगों का नंबर आता है।इससे बड़ी संख्या में लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने ठगों के नंबर हटाने के लिए गूगल में काम करने वाले अपने साथी से बात की है। वे प्रयास करेंगी कि साइबर ठगों के नंबर गूगल पर शो न हो या फिर इसकी शिकायत करने पर ऐसे नंबर ब्लॉक कर दिए जाएं।