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Noida News: ''मन की बात'' ने बदल दी पोंडमैन रामवीर तंवर की जिंदगी

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''मन की बात'' ने बदल दी पोंडमैन रामवीर तंवर की जिंदगी
-ग्रेटर नोएडा के डाढ़ा गांव निवासी रामवीर तंवर लखनऊ स्थित राजभवन में बतौर अतिथि सुना 100वां एपिसोड
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ''मन की बात'' कार्यक्रम ने ग्रेटर नोएडा के डाढ़ा गांव निवासी रामवीर तंवर की जिंदगी बदल दी। अक्तूबर, 2021 में प्रधानमंत्री ने ''मन की बात'' कार्यक्रम में रामवीर तंवर को पोंडमैन का नाम दिया। जिसने रामवीर तंवर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दी। उस पहचान के साथ वो उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पांच अन्य राज्यों में तालाबों को नया जीवन देने का काम कर रहे हैं। अब तक 80 तालाबों का जीर्णोद्धार कर चुके हैं।
रविवार को प्रधानमंत्री के ''मन की बात'' का 100वां एपिसोड प्रसारित हुआ। कार्यक्रम को सुनने के लिए लखनऊ स्थित राजभवन में विशेष व्यवस्था की गई। वहां उत्तर प्रदेश के करीब 100 लोगों को बुलाया गया था। इनमें वो लोग भी शामिल थे, जिनका नाम प्रधानमंत्री मन की बात में ले चुके है। ग्रेटर नोएडा के रामवीर तंवर भी विशेष अतिथि रहे। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के साथ बैठकर उन्होंने प्रधानमंत्री की ''मन की बात'' को सुना। इस दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने पोंडमैन रामवीर तंवर से बात की और ''मन की बात'' कार्यक्रम से जीवन में आने वाले बदलाव के बारे में पूछा। पोंडमैन रामवीर तंवर ने बताया कि अक्तूबर, 2021 में ''मन की बात'' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने उसके कार्याें की प्रशंसा की थी। तब प्रधानमंत्री ने पोंडमैन के नाम से पुकारा था। उस कार्यक्रम के बाद से जीवन एकदम बदल गया। पहले केवल उत्तर प्रदेश में तालाबों को बचाने का काम करता था, लेकिन अब हरियाणा, गुजरात, दिल्ली, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तराखंड में भी काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि तालाब को नया जीवन देने के लिए पहले प्रशासन से अनुमति लेना बहुत मुश्किल होता था, लेकिन अब आसानी से अनुमति मिल जाती है।
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वर्ष 2015 से नौकरी छोड़ शुरू किया तालाबों को बचाना

पोंडमैन रामवीर तंवर मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद एक कंपनी में नौकरी करते थे, लेकिन तालाबों के प्रति प्रेम के कारण उन्होंने नौकरी छोड़ दी। तभी से तालाबों के जीर्णोद्धार का काम कर रहे हैं। ग्रेटर नोएडा से उन्होंने इसकी शुरुआत की। आज एनजीओ और सीएसआर के माध्यम से तालाबों को नया जीवन देने का काम कर रहे हैं।
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