भानियावाला वार्ड संख्या दो में देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित कब्रिस्तान से तस्कर प्रतिबंधित प्रजाति के तुन, सेमल और छूट प्रजाति के कई पेड़ काट ले गए। पेड़ों की कटाई के बाद सारा माल ट्रकों में भरकर मौके से गायब कर दिया गया।
भानियावाला कब्रिस्तान डोईवाला शहर के बीचोबीच घनी आबादी के पास और देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित है। इस कब्रिस्तान में दशकों पुराने तुन, सेमल, जामुन और दूसरी प्रजाति के हरे पेड़ खड़े थे। बीती रात तस्करों ने कब्रिस्तान में खड़े सभी हरों पेड़ाें को काट डाला। पेड़ काटने के बाद मौके पर लकड़ी की डाटें और टहनियां हटवाकर साफ कर दी गई।
काटे गए पेड़ाें के ठूंठ पर मिट्टी लगाकर उन्हें घास फूस से ढक दिया गया। शहर के बीचोंबीच इतने पेड़ काटे जाने की खबर वन विभाग को नहीं लगी। शनिवार को जब वन विभाग को प्रतिबंधित पेड़ काटे जाने की सूचना दी गई तब वन विभाग हरकत में आया। अब वन विभाग इस संबंध में जुर्म काटकर अपना पल्ला झाड़ने का प्रयास कर रहा है।
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लच्छीवाला में लंबे समय से चल रहा पेड़ काटने का सिलसिला
लच्छीवाला वन रेंज के अंतर्गत सिविल क्षेत्र में पिछले लंबे समय से पेड़ काटे जाने का सिलसिला लगातार जारी है। देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग जीवनवाला, भानियावाला फ्लाई ओवर और दूसरे स्थानों से अब तक दर्जनों खैर के पेड़ काटे जा चुके हैं। तस्कर इस रेंज और आसपास के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस संबंध में डीएफओ नीरज शर्मा ने कहा कि संबंधित कर्मियों को मौके पर भेजा गया है, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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कोट-
भानियावाला कब्रिस्तान से प्रतिबंधित प्रजाति के दो तुन, एक सेमल के पेड़ काटे गए हैं। वहीं जामुन आदि के छूट प्रजाति के पेड़ भी काटे गए हैं। मौके से सारा माल और लकड़ियां साफ कर दी गई हैं। विभाग इस मामले में जुर्माने की कार्रवाई कर रहा है। - मेधावी कीर्ति, रेंजर, लच्छीवाला