माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। दिवाली पर आतिशबाजी ने हवा की सेहत बिगाड़ दी है। नियमों को ताक पर रखकर त्योहार पर रातभर हुई आतिशबाजी के बाद मंगलवार को औसत एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) बेहद खतरनाक स्तर 376 पर पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने 19 और 20 अक्बतूर को सुबह 6 से 7 बजे तक और शाम 8 से रात 10 बजे तक ही ग्रीन पटाखे फोड़ने का समय तय किया था लेकिन सब नियम धुआं-धुआं हो गए।
सोमवार रात 11 बजे तो एक्यूआई 701 पर पहुंच गया। गंभीर स्थिति में पहुंचे पर्यावरण में बुजुर्गों व बच्चों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है। हालात ये रहे कि मरीजों को राहत के लिए चिकित्सकों तक से फोन पर सलाह लेनी पड़ी।
हवा की सेहत दिवाली की रात से ही बिगड़ी हुई है। पहले वाहनों की भीड़ व बाद में आतिशबाजी ने धूल कणों को बढ़ाने का काम किया। हवा में धूल कणों व पटाखों के विस्फोट से उत्पन्न गैसों के कारण आसमान धूल से अटा नजर आया। इस कारण सोमवार रात 11 बजे एक्यूआई रिकॉर्ड 701 तक पहुंच गया।
प्रदूषण की खतरनाक स्थिति में पहुंचा एक्यूआई अपने आप में गंभीर है। मंगलवार को हुई बूंदाबांदी से प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी दर्ज गई। मंगलवार को यह एक्यूआई अधिकतम 583 व न्यूनतम 169 रहा। यह औसत 376 दर्ज किया गया।
एक्यूआई का स्तर स्तर बढ़ने से दमा, अस्थमा व सांस रोगियों की परेशानी ज्यादा बढ़ गई है। ऐसे मरीजों ने राहत के अपने चिकित्सक को फोेन पर संपर्क किया। चिकित्सक ने उन्हें प्रदूषण में जाने से बचने, दवा व पंप साथ रखने की सलाह दी है।
एक्यूआई के बिगड़ते स्तर पर नजर डालें तो मंगलवार सुबह 8 बजे रोहतक की हवा बेहद खराब रही। इसके बाद दोपहर को फिर से कुछ समय के लिए एक्यूआई 583 तक पहुंच गया।
हवा की शुद्धता के लिए सैंपलिंग जारी
प्रदूषण बोर्ड पर्यावरण प्रदूषण को लेकर अलर्ट है। इसी कड़ी में दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ते ही ग्रैैप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) टू लागू कर दिया गया है। इसके तहत लोगों को प्रदूषण से बचाव के प्रति जागरूक किया जाना है। विभाग की ओर से 16 से 24 अक्तूबर तक सैंपलिंग की जा रही है। मिट्टी-पानी, ध्वनि व हवा की शुद्धता की जानकारी जुटाई जा रही है।
- दिनेश कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड