अनियमितताओं के आरोप पर शासन ने शुक्रवार को फेज दो स्थित बाल संप्रेषण गृह के केयर टेकर प्रकाश चंद को निलंबित कर दिया। साथ ही, बरेली के जिला प्रोबेशन अधिकारी से संबद्ध कर दिया गया है।
शासन ने ये कार्रवाई संप्रेषण गृह के बच्चों की शिकायत पर की है। यहां के छोटे बच्चों ने बड़े बच्चों द्वारा मारपीट करने और परिवार से मिलने के लिए पैसों की मांग करने का आरोप लगाया था। पैसे न मिलने पर बड़े बच्चे, छोटे बच्चों को अमानवीय तरीके से प्रताड़ित कर रहे थे।
इतना ही नहीं बड़े बच्चे छोटे बच्चों से संप्रेषण गृह में सिगरेट, बीड़ी व गुटखा जैसे मादक पदार्थ भी मंगाते हैं। इसकी शिकायत बच्चों ने केयर टेकर से भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बच्चों की इस शिकायत पर जिला लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (़डीएलसीए) ने जांच की थी। डीएलसीए की टीम ने 7 अक्तूूबर को संप्रेषण गृह का निरीक्षण किया था।
इस दौरान बच्चों ने टीम से शिकायत की थी। जांच में पीड़ित बच्चों द्वारा लगाए गए सभी आरोप सही साबित हुए। जांच में संप्रेषण गृह में सही सफाई व्यवस्था नहीं मिली। बच्चों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था भी सही नहीं थी। रिपोर्ट के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक राम केवल ने केयर टेकर प्रकाश चंद को निलंबित किया है। प्रदेश की महिला बाल विकास मंत्री रीता बहुगुणा ने भी मौका मुआयना किया था। अव्यवस्थाओं को देखकर फटकार भी लगाई थी।