धीमी ही सही, पर उद्यमिता के आसमान में ऊंची है महिलाओं की उड़ान
-जिले में 12 हजार महिला उद्यमी संभाल रहीं शहर की आर्थिक बागडोर
-बीते साल 5 हजार में से 1000 से अधिक महिलाओं ने कराया पंजीकरण
-हालांकि लोन से लेकर जमीन के आवंटन में नहीं मिल रहा प्रशासन का साथ
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर के उद्यम जगत में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। हालांकि, पुरुषों के मुकाबले इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी है, लेकिन समय के साथ महिलाएं मजबूत पहचान बना रही हैं। जिला उद्योग केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, जिले में फिलहाल 12 हजार से अधिक महिला उद्यमी सक्रिय हैं। पिछले पांच वर्षों के ट्रेंड को देखें तो हर साल औसतन एक हजार नई महिलाएं अपना पंजीकरण करा रही हैं।
सरकारी आकड़ों के अनुसार, बीते साल कुल 5200 उद्यम पंजीकृत किए गए। इस दौरान करीब 1040 से ज्यादा महिलाओं ने अपना पंजीकरण कराया। यानी हर साल करीब 18-20 प्रतिशत महिलाएं अपने उद्योग का पंजीकरण करा रही हैं। बाकी पुरुष शामिल हैं, जो अपने उद्योग का पंजीकरण करा रहे हैं। सूरजपुर निवासी पेंट कारोबारी शिखा मिश्रा ने बताया, महिलाओं की गति पुरुषों के मुकाबले थोड़ी थीमी होने का एक प्रमुख कारण उन्हें आज भी समय पर सरकारी सहयोग और समाज का सहयोग नहीं मिल पाता है। उदाहरण के लिए सरकार की ओर से बैंकों की तरफ से दी जाने वाली ऋण सुविधा, प्रशासन की ओर से जमीन मिलने की समस्या समेत अन्य समस्याएं शामिल हैं। इसी कारण कई महिलाएं पीछे रह जाती हैं। वहीं, सेक्टर-62 निवासी पेपर बैग कारोबारी आकांक्षा चुघ ने बताया कि यदि सरकार महिलाओं के लिए थोड़ी और राहत दे तो उनकी उद्यमी बनने की राह और भी आसान हो जाएगी।
बैंक से नहीं मिलता लोन, जमीन तक लेने के पड़ जाते हैं लाले
महिला उद्यमी संगठनों का कहना है कि महिलाओं को उद्योग शुरू करने के लिए बैंक से लोन लेने में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ऐसे में वह योजनाओं का लाभ नहीं ले पाती हैं। उनका कहना है कि बैंक जैसे ही देखती हैं कि महिला ने आवेदन किया है, तो पूछताछ ज्यादा बढ़ जाती है। गारंटर से लेकर उद्योग के भविष्य की रणनीतियाों की जानकारी भी मांगते हैं।
महिलाओं को बैंक लोन देने में आनाकानी करती हैं, ऐसे में दिक्कत होती है। -शिखा मिश्रा, पेंट कारोबारी
जब मेैनें अपना कारोबार शुरू किया था, तब जमीन लेने में काफी दिक्कत आई थी। -आकांक्षा चुघ, पेपर कारोबारी
किसी योजना का भी लाभ लेना चाहो तो तमाम पूछताछ होती है। मसक्कत करनी पड़ती है। -निधि जैन, कपड़ा कारोबारी
महिलाओं को जमीन मिलने में प्राथमिकता मिले, प्राधिकरण के सीईओ से भी आग्रह किया है -विमला बाथम, प्रमुख कारोबारी व पूर्व विधायक