-नोएडा का एक्यूआई 310 और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 288 रहा
-नवंबर में अबतक एक दिन भी सेक्टर-62 का एक्यूआई डार्क रेड जोन में नहीं रहा
नोएडा/ग्रेटर नोएडा। नोएडा की हवा में 17 दिन बाद हल्का सुधार हुआ है वहीं, ग्रेनो भी 21 दिन बाद रेड जोन से बाहर निकल पाया है। नोएडा के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में शनिवार को 78 अंक की कमी होने के साथ ही एक्यूआई 310 दर्ज किया गया। जबकि ग्रेनो का वायु गुणवत्ता सूचकांक ऑरेंज जोन में 288 रहा। जबकि पिछली बार ग्रेनो का एक्यूआई ऑरेंज जोन में 7 नवंबर को रहा था।
पिछले दो दिन से नोएडा देश का पहला सबसे प्रदूषित शहर बना हुआ था। ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव और दिल्ली का एक्यूआई भी ऑरेंज जोन में दर्ज किया गया है। ऐसे में सभी जगह प्रदूषण से हल्की राहत मिली है। नोएडा का हाल ऐसा रहा कि नोएडा में सेक्टर 62 के अलावा अन्य तीन मॉनिटरिंग स्टेशन सेक्टर 125, सेक्टर 116 और सेक्टर 1 का एक्यूआई रेड जोन में ही रहा। ऐसे में यहां की हवा सांस लेने लायक नहीं थी। वहीं, ग्रेनों में इस साल अक्तूबर माह तक वायु ठीक रही थी, लेकिन नवंबर माह में हवा काफी प्रदूषित रही। सात नवंबर तक एक्यूआई येलो और ऑरेंज जोन में बना हुआ था, लेकिन 8 नवंबर से 28 नवंबर तक ग्रेनो का एक्यूआई 300 से 500 के बीच रहा है। इन 21 दिन के अंदर ग्रेनो का एक्यूआई रेड और डार्क रेड जोन के बीच रहा। ग्रेनो का एक्यूआई 28 नवंबर को 378 रहा था, लेकिन हवा चलने के कारण शनिवार को प्रदूषण ऑरेंज जोन में आने से जिम्मेदार विभागों ने राहत की सांस ली है। हालांकि एनसीआर में ग्रेनो चौथा सबसे प्रदूषित शहर रहा। ग्रेनो से आगे नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद रहे। वहीं ग्रेनो में वायु प्रदूषण पर निगरानी के दो स्टेशन हैं। एक ग्रेटर नोएडा और दूसरा ग्रेनो वेस्ट में है। शनिवार को ग्रेनो का एक्यूआई 265 रहा तो ग्रेनो वेस्ट का एक्यूआई 312 रहा हैं।
नोएडा में नवंबर में मिली प्रदूषण से राहत
सेक्टर 62
येलो जोन - 1 दिन
ऑरेंज जोन - 5 दिन
रेड जोन - 22 दिन
सेक्टर 125 - 320
सेक्टर 62 - 246
सेक्टर 1 - 309
सेक्टर 116 - 307