छह हजार वादकारियों को हर रोज मिल रही तारीख पर तारीख
- 29 अगस्त से अब तक एक भी दिन नहीं किया वकीलों ने काम
- हापुड़ में लाठीचार्ज से है आक्रोश, इस सप्ताह भी रहेगी हड़ताल
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। हापुड़ में लाठी चार्ज की घटना के बाद से वकीलों में आक्रोश है और वह 29 अगस्त से लगातार हड़ताल पर हैं। इस सप्ताह भी वकीलों ने न्यायिक कार्य से विरत रहने की घोषणा की है। प्रदेश भर के वकीलों के साथ जिले के वकील दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई व हापुड़ के आलाधिकारियों के स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं। वकीलों के काम नहीं करने से हर रोज जिले के न्यायालयों में आने वाले छह हजार से अधिक वादकारियों को तारीख पर तारीख मिल रही है।
जिले में 30 से अधिक न्यायालय हैं। इनमें सूरजपुर स्थित जिला जज, एडीजे, मजिस्ट्रेट न्यायालय के अलावा पारिवारिक विवाद न्यायालय, कॉमर्शियल न्यायालय, मोटर व्हीकल एक्ट न्यायालय, किशोर न्यायालय, जेवर न्यायालय भी हैं। वकीलों का कहना है कि सभी न्यायालय में हर रोज लगभग 6 हजार से अधिक केसों की सुनवाई प्रतिदिन होती है। मगर वकीलों के काम नहीं करने के कारण सभी वादकारियों को अगली तिथि दी जा रही है। शुरुआत में वादकारी व परिवादी न्यायालय में केस की पैरवी के लिए पहुंच रहे थे, लेकिन अब हड़ताल लंबी खिंचने के कारण वादी व परिवादी ने भी न्यायालय आना बंद कर दिया है। वह भी अब वकीलों के काम पर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
पैदल मार्च कर सौंपा ज्ञापन
सोमवार को बड़ी संख्या में जिला बार एसोसिएशन के वकील न्यायालय परिसर में एकत्रित हुए। अध्यक्ष कालूराम चौधरी ने अध्यक्षता की। बार एसाेसिएशन के सचिव नीरज चौधरी ने बताया कि रविवार को मेरठ में हाईकोर्ट बैंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्नान पर हापुड़ प्रकरण को लेकर सभा आयोजित की गई। इसमें विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों के अलावा बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिवकिशोर गौड़ भी उपस्थित रहे। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वकील 11 सितंबर से 15 सितंबर तक न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। इसके बाद बड़ी संख्या में वकीलों ने पैदल मार्च किया और कलेक्ट्रेट में डीएम कार्यालय पहुंचे। वकीलों ने डिप्टी कलेक्टर चारुल यादव को ज्ञापन सौंपा।
वकील न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। वकील हापुड़ में हुए लाठी चार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई व वहां के डीएम एसपी को हटाने की मांग कर रहे हैं। शासन प्रशासन को जल्द से जल्द वकीलों की मांग मान लेनी चाहिए। मांग पूरी होते ही वकील काम पर लौट आएंगे।
- कालू राम चौधरी, अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन गौतमबुद्ध नगर