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300 महिलाओं से करोड़ों की ठगी: डेटिंग एप पर करते थे शिकार, पुलिस ने छह विदेशी शातिरों को ऐसे किया गिरफ्तार

Sun, 05 Mar 2023 09:32 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि आरोपी शिक्षा और चिकित्सा वीजा पर भारत आए थे। करीब छह माह बाद ही इनके वीजा की अवधि खत्म हो गई। इसके बाद भी आरोपी अपने देश नहीं लौटे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पुलिस ने अलग-अलग डेटिंग एप पर दोस्ती कर 300 से ज्यादा महिलाओं से करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। सेक्टर-20 कोतवाली पुलिस और साइबर थाना पुलिस ने गिरोह के छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनमें पांच नाइजीरियाई युवक और भूटान की एक युवती शामिल है। गिरोह दनकौर कोतवाली क्षेत्र की सोसाइटी में किराये पर फ्लैट लेकर वारदात कर रहा था।

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रविवार को गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नाइजीरियाई नागरिक ओकोली स्टीफन, ओकोसिंधी माइकल, उमादी रोलैंड, ओकोली डेनियल व ओकोली प्रोसपर और भूटान की नागरिक कुन्जंगमो के रूप में हुई है। कुंन्जंगमो ने नाइजीरिया निवासी हैनरी से शादी की है। हैनरी कुछ दिन पहले नाइजीरिया गया है। 

पकड़े गए पांचों नाइजीरियाइ युवक उसके परिचित हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन लैपटॉप, 17 मोबाइल फोन, तीन पासपोर्ट, एक स्कूटी और 40,860 रुपये बरामद किए हैं। वहीं स्टेट बैंक के एक खाते को फ्रीज करा दिया गया है। उसमें 1.25 लाख रुपये जमा हैं। पुलिस आरोपियों के अन्य बैंक खातों की जांच कर रही है। शुक्रवार को सेक्टर-20 पुलिस को मिली शिकायत की छानबीन के दौरान गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।

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डीसीपी नोएडा हरीश चंदर ने बताया कि आरोपी सुपरटेक इको विलेज गोल्फ कंट्री के फ्लैट में रहते थे। जिसका किराया 25 हजार रुपये प्रतिमाह है। सभी आरोपी करीब आठ माह पहले दिल्ली से यहां शिफ्ट हुए थे। आरोपी बीते सात वर्षों से ठगी कर रहे थे। पुलिस से बचने के लिए एनसीआर के शहरों में लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे। शुक्रवार को सेक्टर-20 पुलिस के पास आई ठगी की शिकायत के बाद नोएडा पुलिस की टीम सक्रिय हुई थी। जिसके बाद गिरोह के बदमाशों को पकड़ा जा सका। पुलिस आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप की जांच कर रही है।

शिक्षा और चिकित्सा वीजा पर आए थे आरोपी
एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि आरोपी शिक्षा और चिकित्सा वीजा पर भारत आए थे। करीब छह माह बाद ही इनके वीजा की अवधि खत्म हो गई। इसके बाद भी आरोपी अपने देश नहीं लौटे।

पुर्तगाल, स्वीडन और नीदरलैंड की महिलाओं से भी की ठगी
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि आरोपी विभिन्न डेटिंग एप मसलन टिंडर, बंबल, ओके क्यूपीड और बाडो पर अपनी फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। आमतौर पर डॉक्टर, प्लास्टिक सर्जन या बिजनेसमैन बनकर भारत समेत पुर्तगाल, स्वीडन और नीदरलैंड मूल की महिलाओं से दोस्ती कर ठगी के जाल में फंसाते थे। बातचीत शुरू होने के बाद महंगे उपहार भेजने और मिलने आने की बात कहते थे। फिर कस्टम अधिकारी बनकर एयरपोर्ट पर पकड़े जाने और विदेशी करेंसी साथ होने की बात कहकर पैसे मंगाते थे। बातचीत को सरल बनाने के लिए गूगल ट्रांसलेटर की मदद लेते थे। भूटान निवासी महिला सहयोगी कभी कस्टम अधिकारी बनकर पैसे के लिए कॉल करती थी और खाते में पैसे ट्रांसफर कराती थी। इसके बाद इसे नाइजीरिया की मुद्रा नायरा में बदलवा कर अपने खातों में रकम ट्रांसफर करा लेते थे।
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