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Noida News: छह बैंक खाते फ्रीज, निलंबित कर्मियों के लेनदेन की जांच शुरू

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खाते में सेंध
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12 बैंककर्मी निलंबित, छह की भूमिका संदिग्ध सीबीआई और ईओडब्ल्यू ने भी शुरू की जांच

ग्रेनो के किसानों को मिले मुआवजे की रकम गोवा, मुंबई और झारखंड के खातों में भेजे जाने का खुलासा

नंबर बॉक्स

43 लाख रुपये के तीन दावों का निपटारा करने का बैंक का दावा

35 खाताधारक अब तक दर्ज करा चुके हैं शिकायत

20 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी का दावा

माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। पाई-1 के ऐच्छर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा में खाताधारकों की जमा पूंजी और सावधि जमा (एफडी) में कथित हेराफेरी के मामले की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। स्थानीय पुलिस के साथ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और मेरठ की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। पीएनबी प्रबंधन के मुताबिक मामले में अब तक 12 बैंककर्मियों को निलंबित किया गया है। इनमें से छह की भूमिका पुलिस की जांच के दायरे में है। जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक में पदभार संभालने से लेकर निलंबन तक के कार्यकाल के दौरान हुए लेनदेन और संबंधित दस्तावेज की पड़ताल कर रही हैं।

शुक्रवार को बीटा-2 कोतवाली में पांच और खाताधारकों ने शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही शिकायतकर्ताओं की संख्या बढ़कर 35 हो गई है। पीड़ितों का आरोप है कि उनकी एफडी समय से पहले बंद कर रकम दूसरे खातों में भेज दी गई। कुछ खाताधारकों ने बचत खातों से रकम गायब होने और लॉकर में रखे सोने-चांदी के आभूषण नहीं मिलने की शिकायत भी की है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि हेराफेरी की रकम 35 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन जांच पूरी होने और बैंक के रिकॉर्ड के मिलान के बाद ही हो सकेगा।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई और मेरठ की आर्थिक अपराध शाखा ने भी जांच शुरू कर दी है। इससे पहले बैंक प्रबंधन की ओर से विभागीय सतर्कता जांच कराई गई थी। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपने और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई थी। बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रकरण की निगरानी कर रहे हैं।


पदभार संभालने से निलंबन तक के रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, छह निलंबित बैंककर्मियों की भूमिका की विशेष रूप से जांच की जा रही है। इनमें शाखा प्रबंधक निशा के अलावा संदीप, मीनाक्षी, सतीश, शैलेंद्र और लल्ली के नाम शामिल हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि किस कर्मचारी ने किस पटल पर कब से कब तक काम किया और उसके कार्यकाल में किन खातों से लेनदेन हुआ। विशेष रूप से एफडी खोलने, समय से पहले बंद करने, रकम दूसरे खातों में भेजने और ग्राहकों के खातों में दर्ज प्रविष्टियों की जांच की जा रही है।


घर पर नहीं मिले आरोपी, फोन बंद

पुलिस सूत्रों का कहना है कि कुछ आरोपी कर्मचारी अपने घरों पर नहीं मिल रहे हैं और उनके मोबाइल फोन भी बंद हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां बैंक के दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर कथित हेराफेरी के तरीके और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं।



गोवा, मुंबई और झारखंड के छह खातों में भेजी गई रकम

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खाताधारकों के खातों से कथित तौर पर निकाली गई रकम गोवा, मुंबई और झारखंड के छह बैंक खातों में भेजी गई। पुलिस ने इन सभी खातों को फ्रीज करा दिया है। हालांकि जांच में यह भी पता चला है कि रकम इन खातों में अधिक समय तक नहीं रुकी और आगे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। ऐसे में जांच एजेंसियां रकम के लेनदेन की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हैं। जांच में साइबर फ्रॉड गिरोह से संभावित संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है। आशंका है कि बैंक के कुछ कर्मचारी बाहरी लोगों के संपर्क में थे और उन्होंने कथित तौर पर रकम के हस्तांतरण में मदद की। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस की साइबर क्राइम टीम भी डिजिटल लेनदेन और संबंधित बैंक खातों के रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
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अन्य शाखाओं में मुआवजे की जांच की रकम
इसके अलावा जमीन अधिग्रहण का मुआवजा जमा होने वाली अन्य बैंक शाखाओं के खातों की जांच और ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले दो वर्षों के दौरान मुआवजे की रकम जमा होने वाले खातों और उनसे हुए लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि ऐच्छर शाखा जैसी गड़बड़ी कहीं दूसरी शाखाओं में भी तो नहीं हुई है।
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