कंकरखाता गांव में प्रतिमा स्थापित किए जाने पर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। भूमि से संबंधित वाद न्यायालय में विचाराधीन होने पर अधिकारियों ने ग्रामीणों से प्रतिमा को हटाने को कहा। इन्कार करते हुए कुछ महिलाएं और पुरुष यहां धरने पर बैठ गए। बाद में जिलाधिकारी से वार्ता में आश्वासन मिलने पर ग्रामीण प्रतिमा हटाने के लिए राजी हो गए।
लक्सर तहसील के कंकरखाता गांव में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान आरक्षित की गई भूमि का मामला जिलाधिकारी न्यायालय में विचाराधीन है। शनिवार अलसुबह एक पक्ष के ग्रामीणों ने यहां प्रतिमा स्थापित कर दी। इसकी जानकारी प्रशासन को दी गई। जानकारी मिलने पर एसडीएम सौरभ असवाल, एसपी देहात शेखर चंद सुयाल, सीओ लक्सर नताशा सिंह, कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने मामला न्यायालय में विचाराधीन होने का हवाला देते हुए ग्रामीणों से मौके पर यथास्थिति बनाने और प्रतिमा को हटाने का अनुरोध किया लेकिन ग्रामीणों ने इससे इन्कार किया। कई महिला पुरुष यहां धरने पर बैठ गए। शांति व्यवस्था के मद्देनजर आसपास के थानों से पुलिस बल को मौके पर बुला लिया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि चकबंदी के दौरान गांव में पार्क के लिए भूमि आरक्षित की गई है। उन्होंने यहां दूसरे पक्ष के भवन निर्माण पर एतराज जताया। दूसरे पक्ष ने इस बाबत चकबंदी न्यायालय के आदेश प्रशासन को दिखाए गए। प्रकरण जिलाधिकारी न्यायालय में विचाराधीन होने की बात सामने आने पर एसपी देहात ने जिलाधिकारी से ग्रामीणों की वार्ता कराई।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने दोनों पक्षों को शीघ्र मामले का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाकर मामला शांत हुआ। एसडीएम सौरभ असवाल ने बताया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय से निर्णय आने तक दोनों पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
वार्ता से मामले को सुलझा लिया गया है। गांव में स्थिति शांतिपूर्ण है। दोनों पक्षों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- शेखर चंद सुयाल, पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण