गोमती नगर संगीत नाटक अकादमी में एमरेन फाउंडेशन की ओर से लफ्जों की गठरी नाटक का मंचन करते कलाकार
लखनऊ। बहनों का निश्छल प्यार, नारी के आत्मनिर्भर बनने का संघर्ष और जीवन की भागदौड़ का संगम देखने को मिला नाट्य प्रस्तुति ''लफ्जों की गठरी–कुछ पन्ने भाग-2'' में। मुंशी प्रेमचंद, मन्नू भंडारी और भीष्म साहनी की कहानियों को कलाकारों ने मंच पर जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार शाम संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगेजी महाराज सभागार में हुई। पहला मंचन प्रेमचंद की कहानी ''बड़े भाई साहब'' पर आधारित ''बड़ी दीदी'' था, जिसमें दो बहनों के स्नेह की झलक देखने को मिली। इसके बाद मन्नू भंडारी की ''अकेली'' में एक बुजुर्ग महिला के अकेलेपन और आत्मनिर्भरता के सफर को दर्शाया गया। भीष्म साहनी की ''यादें'' ने दो दोस्तों की मार्मिक स्मृतियों को मंच पर उतारा।
90 मिनट के इस नाट्य-प्रदर्शन का निर्देशन प्रसिद्ध रंगकर्मी सीमा भार्गव पहवा ने किया। कलाकार अनुभा फतेहपुरा, मनुकृति पाहवा, जया विरली, रत्ना पाठक शाह और सीमा भार्गव पहवा ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर फाउंडेशन की अध्यक्ष रेणुका टंडन, पूर्व सांसद प्रो. रीता बहुगुणा जोशी, पूर्व आईएएस अराधना शुक्ला, पूजा प्रसाद, संजय प्रसाद, पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम, प्रो. मांडवी सिंह, आशीष गोयल, विभा सिंह, प्रो. जयंते खोत व डॉ. शोभित कुमार नहर सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
गोमती नगर संगीत नाटक अकादमी में एमरेन फाउंडेशन की ओर से लफ्जों की गठरी नाटक का मंचन करते कलाकार
गोमती नगर संगीत नाटक अकादमी में एमरेन फाउंडेशन की ओर से लफ्जों की गठरी नाटक का मंचन करते कलाकार