भीड़भाड़ वाली सड़कों को सुगम बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस की कवायद
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12 किमी लंबा मार्ग बनेगा सिग्नल फ्री
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ट्रैफिक पुलिस ने भीड़भाड़ वाली सड़कों को सुगम बनाने के लिए कदम उठाया है। शनिवार को नेताजी सुभाष प्लेस (एनएसपी) से रोहिणी हेलीपोर्ट तक के 12 किलोमीटर लंबे मार्ग को सिग्नल-फ्री बनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसके तहत यूटर्न लूप और इंटरसेक्शन के नए सिरे से डिजाइन किए जा रहे हैं ताकि जाम से लोगों को निजात मिल सके।
पूरा कॉरिडोर तीन चरणों में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में एनएसपी से मधुबन चौक तक के हिस्से में आशियाना चौक और पीतमपुरा मेट्रो स्टेशन के पास इंटरसेक्शन को बदला गया है। इसके बाद मधुबन चौक से रिठाला तक के दूसरे हिस्से में रिठाला मेट्रो स्टेशन, राजीव गांधी कैंसर अस्पताल व रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन के ट्रैफिक सिग्नल बंद कर दिए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि सिग्नल हटाने के बाद पांच स्थानों पर सेंट्रल वर्ज में नए यू-टर्न बनाए गए हैं ताकि सभी प्रकार के वाहन आसानी से निकल सकें। यह यूटर्न डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल, रोहिणी डीटीसी डिपो व डीसीपी रोहिणी ऑफिस के पास बनाए गए हैं। तीसरे चरण में रिठाला से रोहिणी हेलीपोर्ट तक के हिस्से को शामिल किया गया है, जहां सेक्टर-24 व 25 से होकर सड़क गुजरती है। इस हिस्से पर जल्द काम शुरू होगा।
प्रोजेक्ट सफल होने पर अन्य जगहों पर होगा लागू
डीसीपी (ट्रैफिक) नॉर्दर्न रेंज संध्या स्वामी ने बताया कि यदि यह प्रोजेक्ट सफल होता है तो इसे दिल्ली के अन्य जाम वाले इलाकों में भी लागू किया जाएगा। इस तरह के उपाय पहले हकीकत नगर से किंग्सवे कैंप तक भी किए जा चुके हैं, जहां ट्रैफिक लाइट हटाकर यू-टर्न बनाए गए और सिग्नल के समय को कम कर पैदल यात्रियों के लिए 30 सेकंड तक रखा गया है। इससे अब यहां ट्रैफिक बिना रुके चलता है और माॅल रोड से किंग्सवे कैंप तक कोई रुकावट नहीं आती।
50 से ज्यादा चौराहे और टी-प्वाइंट बने सिग्नल फ्री
सड़क सुरक्षा और सुधार के लिए काम कर रही संस्था गुरु हनुमान सोसाइटी ऑफ भारत के राष्ट्रीय महासचिव अतुल रंजीत कुमार ने बताया कि वर्ष 2016 से अब तक दिल्ली में 50 से ज्यादा चौराहों और टी-प्वाइंट्स को सिग्नल फ्री बनाया गया है। यह योजना खासतौर पर उन जगहों पर कारगर साबित हो रही है जहां मेट्रो के कारण फ्लाईओवर या अंडरपास बनाना संभव नहीं होता। इससे न केवल जाम में कमी आई है बल्कि ईंधन की खपत घटने व हवा की गुणवत्ता बेहतर होने जैसे फायदे भी देखने को मिले हैं।