- ढेकहरी व सेखुई में बन कर तैयार हैं भवन, हैंडओवर हाेते ही शुरू होगा संचालन
- लगभग 20 हजार आबादी को मिलेगी स्वास्थ्य सुविधाएं
सिद्धार्थनगर। जिले के दो ब्लॉकों में होम्योपैथी अस्पताल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। इसके हैंडओवर होते ही क्षेत्र के करीब 20 हजार आबादी को बेहतर इलाज की सुविधा मिलने लगेगी। उन्हें इलाज करवाने के लिए दूसरे शहर में नहीं जाना पड़ेगा।
बढ़नी ब्लॉक क्षेत्र के ढेकहरी और उसका ब्लॉक क्षेत्र के सेखुई में होम्योपैथ अस्पताल का निर्माण कार्य हो रहा है जो लगभग पूरा हो गया है। इसकी रंगाई-पुताई भी पूरी हो गई है, जिससे दोनों अस्पतालों को हैंडओवर होते ही संचालन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे क्षेत्र की लगभग 20 हजार आबादी को इसका लाभ मिलेगा। होम्योपैथी से गंभीर बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। खास बात यह है कि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है।
होम्योपैथ विभाग के जिला चिकित्साधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया हैं। इससे मरीजों को लाभ मिलेगा। होम्योपैथी से मरीजों को बेहतर राहत मिलती हैं। इससे कई गंभीर बीमारियां ठीक भी की जाती हैं। उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं कि होम्योपैथी केवल मीठी गोलियां हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। यह एक नियमित इलाज है। गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, सोराइसिस, किडनी स्टोन, अस्थमा समेत अन्य में यह लाभकारी साबित हो रही हैं।
इसमें मरीजाें को दवाइयां भी बहुत कम मात्रा में दी जाती हैं। गर्भावस्था और बुजुर्गों के इलाज में भी होम्योपैथी के बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं। इसमें होम्योपैथिक दवाइयां प्राकृतिक पौधों, जानवरों और सिंथेटिक स्रोतों से तैयार की जाती हैं और उन्हें पानी में घोलकर तैयार किया जाता है। यह आमतौर पर सुरक्षित है। अस्पताल में मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोरों से दवाई लेने के लिए न तो लिखा जाता है और न ही कहा जाता है। सभी दवाइयों उपलब्ध होती हैं।