सेक्टर-93बी ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी निवासी भाजपा नेता श्रीकांत त्यागी का खनन कारोबार पूर्वांचल से लेकर उत्तराखंड तक फैला है। बांदा-हमीरपुर में उसकी बालू की वैध के साथ अवैध खान भी चल रही हैं। उत्तराखंड में स्टोन क्रशर की अनुमति है, लेकिन इसकी आड़ में उसने कई क्रशर चला रखे हैं।
इन दोनों स्थानों से श्रीकांत को लाखों रुपये की कमाई हर माह होती है। हर साल श्रीकांत 20 से 25 लाख रुपये का टैक्स भी भरता है। सूत्रों का कहना है कि कई नेताओं की सरपरस्ती में श्रीकांत ने पूर्वांचल में अवैध खनन का भी काम शुरू किया था, जिसमें कुछ नेताओं का भी हिस्सा है। अवैध कमाई से श्रीकांत ने लखनऊ से लेकर नोएडा में कई फ्लैट लिए हैं। अवैध संपत्ति की जानकारी नोएडा पुलिस ने जुटा ली है। अब इन्हें जब्त करने की तैयारी चल रही है।
मोदी मिल वालों की कोठी पर कब्जा
मोदीनगर शहर मोदी मिल वालों के नाम पर बसाया गया था। यहां के सबसे बड़े कारोबारी मोदी ही थे, लेकिन श्रीकांत ने मोदी मिल के एक सदस्य की कई करोड़ रुपये की कोठी पर भी कब्जा कर रखा है। श्रीकांत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इसकी जानकारी मिली है।
मोदीनगर में तलाश रहा था राजनीतिक जमीन
श्रीकांत बसपा कार्यकाल में त्यागी समाज का कोआर्डिनेटर था। मोदीनगर व आसपास के क्षेत्र में त्यागी समाज के लोग अधिक होने से श्रीकांत यहां राजनीतिक जमीन तलाश रहा था। इसके लिए उसने करोड़ों की कोठी खरीदने की भी अफवाह उड़ाई थी, लेकिन उसने कब्जा किया था।
नोएडा से भागकर गया था नीलकंठ
महिला से अभद्रता का वीडियो वायरल होने के बाद श्रीकांत पांच साथियों के साथ सबसे पहले नीलकंठ गया था। यहां दर्शन करने के बाद मेरठ आ गया, जबकि पुलिस को चकमा देने के लिए मोबाइल एक दोस्त को ऋषिकेश में सौंप दिया था। कुछ घंटे बाद उस फोन को बंद करवा दिया था। इसके बाद उसने दो मोबाइल और सिम खरीदे थे, जो बिना व्हाटसएप के चलाए जा रहे थे। पुलिस ऋषिकेश में चक्कर काट रही थी और त्यागी मेरठ में परिचित के पास रुका हुआ था।
श्रीकांत सहित चार की जमानत पर फैसला आज
ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में महिला से अभद्रता करने के आरोपी श्रीकांत त्यागी और तीन साथियों की जमानत पर बुधवार को फैसला नहीं हो सका। अदालत ने जांच अधिकारी को रिपोर्ट के साथ तलब किया है। अब बृहस्पतिवार को आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। हालांकि नोएडा पुलिस ने श्रीकांत पर गैंगस्टर एक्ट लगाया है। ऐसे में कम से कम एक माह तक श्रीकांत को राहत मिलने की उम्मीद कम है।