श्रेयस ने बताया कि अब उनका अगला लक्ष्य सत्र-2 और एडवांस पर फोकस है। वह प्रतिदिन अभ्यास जरूर करते थे। हर विषय को बराबर बराबर समय देते थे, जिन बिंदुओं पर वह कमजोर थे। उन पर ज्यादा फोकस रहता था। उनका कहना है कि वह ग्रेनो वेस्ट स्थित घर पर महीने में केवल दो बार ही जाते हैं। हॉस्टल में भी कम ही दोस्त हैं। हमेशा उनका लक्ष्य केवल पढ़ाई पर ही रहता है। उन्होंने बताया कि अभी 12वीं की परीक्षा पर सबसे अधिक ध्यान है। इसके बाद आगे लक्ष्य पर कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि उनकी एक छोटी बहन है। जो अभी सातवीं कक्षा में पढ़ रही है।
एमिटी विश्वविद्यालय में मां हैं एसोसिएट प्रोफेसर
पिता सुमंत मिश्र ने बताया की नोएडा स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में श्रेयस की मां कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट में एसोसिएट प्रोफेसर पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि वह खुद साइबर सिक्योरिटी के लिए काम करते हैं। बेटे का केवल पढ़ाई पर ही फोकस रहता है। कभी भी बेटे को पढ़ाई के लिए बोलना नहीं पड़ता है। उन्होंने बताया कि बच्चों को हर अभिभावक को दवाब नहीं देना चाहिए। श्रेयस हमेशा से टॉपर रहा है। वह कभी घंटों के हिसाब से पढ़ाई नहीं करता है।