फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोएडा:कार्यस्थल पर महिलाओं का उत्पीड़न रोकेगा ‘शोर ऐप’

Sat, 19 Oct 2019 06:49 AM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
शोर एप लाच करते पंकज शर्मा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

14 हजार से अधिक सरकारी-गैर सरकारी संस्थानों में कार्य कर रहीं करीब ढाई लाख महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न पर शोर ऐप व वेबसाइट से लगाम लगाई जाएगी। यदि कार्यस्थल पर किसी भी महिला का शोषण होता है तो वह अपने मोबाइल से ही इसकी शिकायत कर सकेगी। 15 दिन में संबंधित कंपनी या विभाग की समिति यदि कोई कार्रवाई नहीं करती तो जिला कमेटी उसके खिलाफ भी ऐक्शन लेगी। यह बात नोएडा विधायक पंकज सिंह ने इंदिरा गांधी कला केंद्र में आयोजित शोर ऐप के उद्घाटन कार्यक्रम में कही।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि इस ऐप से कोई भी महिला घर बैठे-बैठे ही न्याय हासिल कर सकती है। जो महिलाएं पुलिस के पास जाने से झिझकती हैं उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। जिलाधिकारी बीएन सिंह ने कहा कि महिलाओं के प्रति हो रहे अपराध को लेकर इंट्रा कंपनी के साथ मिलकर संस्थानों को जागरूक किया जा रहा है। लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 का सख्ती से पालन कराने में शोर ऐप मददगार साबित होगा।

सभी सरकारी-गैर सरकारी संस्थानों को 15 दिन में अपने यहां कमेटी बनाकर जिला प्रशासन को जानकारी देनी होगी। जिससे कंपनियों को ऐप पर रजिस्टर्ड कराया जा सकेगा। इसके बाद ऐप काम करना शुरू कर देगा। उन्होंने कहा कि सभी कंपनियों को यह जानकारी देनी जरूरी है। जानकारी नहीं देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन


एसएसपी वैभव कृष्ण ने कहा कि बताया कि ऐप से महिलाओं का डर खत्म होगा वहीं अपराध करने वालों को डरना होगा। ऐप पर शिकायत मिलते ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होनी तय है। उन्होंने महिलाओं से ऐप पर सही शिकायत ही करने की अपील की।  इस मौके पर जिला स्तरीय कमेटी की अध्यक्ष दीपा बंगई और सीडीओ अनिल कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। 

प्लेस्टोर से डाउनलोड करना होगा 

कोई भी महिला इस ऐप को अपने मोबाइल में प्लेस्टोर से डाउनलोड कर सकती है। इसके बाद ऐप पर अपनी कुछ जानकारियां दर्ज करनी होंगी। कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार का शोषण होने की स्थिति में शिकायत की जा सकेगी। मोबाइल नंबर से सत्यापन होगा और उसमें कंपनी, शहर आदि व घटना की जानकारी हिंदी या अंग्रेजी दोनों में दी जा सकेगी। पीड़ित महिला अपने शिकायत नंबर से प्रगति रिपोर्ट भी देख सकेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें